लखनऊ, 18 मई 2026। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने आज लखनऊ स्थित ऐशबाग कोचिंग डिपो का विस्तृत एवं गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य चल स्टॉक इंजीनियर जावेद अहमद, मंडल रेल प्रबंधक लखनऊ गौरव अग्रवाल, अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रा) भुवनेश सिंह सहित मंडल के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने डिपो में संरक्षा, स्वच्छता, तकनीकी गुणवत्ता तथा कर्मचारियों की सुविधाओं का गहनता से अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
महाप्रबंधक श्री बोरवणकर ने डिपो परिसर में स्थित महिला एवं पुरुष लंच रूम, शौचालय, चेंजिंग रूम तथा स्टाफ कैंटीन की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए इन सुविधाओं को और अधिक आधुनिक, स्वच्छ एवं उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना रेलवे प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए साफ-सफाई एवं गुणवत्ता के मानकों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कैंटीन में उपलब्ध भोजन की गुणवत्ता, पेयजल व्यवस्था तथा रखरखाव की स्थिति का भी जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने एसी कोचों में यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की भी बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने कोचों की साफ-सफाई, एयर कंडीशनिंग की कूलिंग व्यवस्था, फायर डिटेक्शन एवं स्मोक डिटेक्शन सिस्टम की कार्यप्रणाली की जांच करते हुए अधिकारियों को इन व्यवस्थाओं को पूरी तरह कार्यशील एवं अद्यतन बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा एवं आराम सर्वोपरि है और किसी भी स्थिति में सुरक्षा मानकों में कमी नहीं होनी चाहिए।
श्री बोरवणकर ने पावर कार, पिट लाइन तथा अन्य तकनीकी इकाइयों में चल रहे सुरक्षा एवं अनुरक्षण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने क्रेन संचालन प्रणाली, उपकरणों के रखरखाव, तकनीकी कार्यों की गुणवत्ता तथा कार्यस्थलों की स्वच्छता की समीक्षा करते हुए संरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नियमित निरीक्षण एवं आधुनिक तकनीकों के उपयोग से रेलवे परिचालन को अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाया जा सकता है।
महाप्रबंधक ने डिपो के आधुनिकीकरण की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। उन्होंने सिक लाइन पर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड एवं कियोस्क स्थापित करने, डिपो प्रशिक्षण केंद्र के कॉन्फ्रेंस हॉल में इंटरएक्टिव स्क्रीन लगाने तथा कर्मचारियों के तकनीकी प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने ऊर्जा संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए डिपो में विद्युत एवं जल उपयोग में 10 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया और अधिकारियों को इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सुरक्षा एवं संरक्षा विषय पर एक विशेष प्रस्तुति भी आयोजित की गई, जिसमें वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (कैरेज एंड वैगन) नीलेश सिंह, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर मनीष गंगवार तथा वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी डॉ. शिल्पी कन्नौजिया द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति में कोचिंग डिपो में अपनाए जा रहे सुरक्षा उपायों, तकनीकी सुधारों एवं संरक्षा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय), वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (कैरेज एंड वैगन), वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सा), वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (ईएनएचएम), कोचिंग डिपो के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में महाप्रबंधक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण अनुरक्षण के प्रति निरंतर सजग रहते हुए रेलवे सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाने का आह्वान किया।



















