मऊ- कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कानून-व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जघन्य अपराधों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित कर दोषियों को जल्द सजा दिलाने और बरी हुए मामलों की समीक्षा कर अभियोजन की कमजोरियों को दूर करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जून माह में सत्र एवं अधीनस्थ न्यायालयों में 296 मुकदमों का निस्तारण हुआ, जिनमें 210 मामलों में दोष सिद्ध होने पर सजा सुनाई गई, जबकि 37 मामलों में अभियुक्त बरी हुए और 22 मामलों का निस्तारण आपसी सुलह से हुआ। एससी/एसटी एक्ट के मामलों में एक भी मुकदमे का निस्तारण न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए विशेष कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।महिला उत्पीड़न, गैंगस्टर एक्ट एवं एससी/एसटी एक्ट के मामलों में समयबद्ध चार्जशीट दाखिल करने, अवैध एवं जहरीली शराब के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने तथा जिला बदर अपराधियों की लगातार निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, संयुक्त निदेशक अभियोजन, सभी उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
दोषियों को जल्द सजा दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता मासिक समीक्षा बैठक में डीएम ने जघन्य अपराधों, महिला उत्पीड़न और गैंगस्टर एक्ट मामलों पर दिए सख्त निर्देश




