मऊ में आयोजित मिशन शक्ति संवाद सम्मान कार्यक्रम में महिला सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं, समाजसेवियों और पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने महिलाओं को सुरक्षित और समान अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया, जबकि पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस हर समय उनके साथ है। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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बेटी बचाओ का संदेश लेकर निकली रैली, बेटियों के नाम लगाए गए पौधे, मिशन शक्ति के रंग में रंगा रानीपुर
मऊ के राम नगीना इंटर कॉलेज, रानीपुर में महिला कल्याण विभाग द्वारा बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ एवं मिशन शक्ति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्र-छात्राओं ने रैली निकालकर बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का संदेश दिया तथा “एक पेड़ बेटी के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया। कार्यक्रम में महिला सुरक्षा हेल्पलाइन और विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी गई, जबकि अधिकारियों ने बेटियों को शिक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी आह्वान किया।
रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं सम्मान कोष योजना की बैठक संपन्न, योजना से जगी उम्मीद, 10 में 6 मामलों पर लगी मुहर
मऊ में जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं सम्मान कोष योजना की जिला संचालन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रस्तुत 10 मामलों में से 6 को स्वीकृति दी गई, जबकि 4 आवेदन अपात्र पाए जाने पर निरस्त कर दिए गए। जिलाधिकारी ने पात्र महिलाओं तक समयबद्ध सहायता पहुंचाने और प्रत्येक मामले का संवेदनशीलता से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दोषियों को जल्द सजा दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता मासिक समीक्षा बैठक में डीएम ने जघन्य अपराधों, महिला उत्पीड़न और गैंगस्टर एक्ट मामलों पर दिए सख्त निर्देश
मऊ में आयोजित कानून-व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने जघन्य अपराधों में त्वरित कार्रवाई और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने के निर्देश दिए। फास्ट ट्रैक कोर्ट में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी, एससी/एसटी एक्ट मामलों की विशेष समीक्षा, महिला उत्पीड़न एवं गैंगस्टर एक्ट में समयबद्ध चार्जशीट दाखिल करने तथा अवैध जहरीली शराब के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने पर जोर दिया गया। जून माह में 296 मुकदमों का निस्तारण हुआ, जिनमें 210 मामलों में दोष सिद्ध हुआ।
रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षकों की तलाश, 29 जुलाई तक करें आवेदन ब्लैक बेल्ट प्रशिक्षकों को मिलेगा मौका
मऊ में समग्र शिक्षा अभियान के तहत 17 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में “रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण” कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके लिए मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट योग्य प्रशिक्षकों से 29 जुलाई तक आवेदन मांगे गए हैं। चयनित प्रशिक्षक तीन माह तक छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देंगे, जिससे बेटियां आत्मनिर्भर, सुरक्षित और आत्मविश्वासी बन सकें।
यूपी-112 मुख्यालय में 4 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, पीआरवी रिस्पॉन्स टाइम कम करने पर जोर
लखनऊ स्थित यूपी-112 मुख्यालय में प्रदेश के सभी जिलों के राजपत्रित नोडल अधिकारियों का चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीक, पीआरवी संचालन, रिस्पॉन्स टाइम कम करने, सोशल मीडिया आधारित आपातकालीन सहायता और जनसेवा से जुड़ी योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस महानिदेशक विनोद कुमार सिंह ने अधिकारियों को त्वरित पुलिस सहायता, नियमित निरीक्षण और जन-जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
घोसी के राम लगन पीजी कॉलेज में बेटियों के अधिकार और सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम
मऊ के राम लगन पीजी कॉलेज, घोसी में महिला कल्याण विभाग ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ एवं मिशन शक्ति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। साथ ही कन्या सुमंगला, निराश्रित महिला पेंशन और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित विभिन्न योजनाओं की पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।
SGPGI घोटाला: FIR के बाद आरोपी डॉक्टर फरार! पुलिस की ‘लापरवाही’ या कोई बड़ी अंदरूनी साज़िश?
लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में महिला रेजिडेंट डॉक्टर उत्पीड़न मामला अब पुलिस और संस्थागत सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। FIR दर्ज होते ही आरोपी डॉक्टर सचिन गुप्ता के अचानक गायब होने से मामला और गर्मा गया है। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस आरोपी को पकड़ने में नाकाम रही, जबकि हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद भी वह फरार है। अब सवाल उठ रहे हैं कि यह सिर्फ लापरवाही है या फिर आरोपी को बचाने की कोई बड़ी कोशिश?
