लखनऊ/कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और लखनऊ को झकझोर देने वाले एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मिले किशोरी के क्षत-विक्षत शव मामले में मृतका के पिता को ही मुख्य आरोपी पाया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पिता ने अपनी 16 वर्षीय बेटी की हत्या केवल इस शक में कर दी कि वह एक हिंदू लड़के से मोबाइल फोन पर बातचीत करती थी। इस जघन्य वारदात में आरोपी ने बेटी के शव के छह टुकड़े कर उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगाने की कोशिश की।
घटना का खुलासा उस समय हुआ जब लखनऊ रेलवे स्टेशन पर छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में एक संदिग्ध लावारिस बॉक्स मिला। पहले रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों ने इसे सामान्य सामान समझा, लेकिन जब काफी देर तक कोई दावेदार सामने नहीं आया तो जीआरपी और रेलवे पुलिस को सूचना दी गई। बॉक्स खोलते ही पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए। अंदर एक किशोरी का शव कई हिस्सों में पैक मिला। इस भयावह दृश्य से स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले गए। फुटेज में कुछ संदिग्ध लोग बॉक्स लेकर ट्रेन में चढ़ते दिखाई दिए। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची, जो कोई बाहरी अपराधी नहीं बल्कि मृतका का अपना पिता बिग्गन अंसारी निकला। जांच में सामने आया कि आरोपी को बेटी के एक हिंदू युवक से मोबाइल पर बातचीत करने का शक था। इसी बात को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था और आरोपी कई बार बेटी को धमका भी चुका था।
पुलिस के अनुसार यह हत्या अचानक गुस्से में नहीं बल्कि पूरी साजिश के तहत की गई। वारदात से पहले आरोपी ने अपनी पत्नी और अन्य बच्चों को रिश्तेदारों के घर भेज दिया था ताकि घर खाली रहे और किसी को शक न हो। इसके बाद उसने बेटी की हत्या कर शव के छह टुकड़े किए। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी ने सिर को गांव के तालाब में फेंक दिया, जबकि हाथ-पैर और अन्य अंगों को अलग-अलग पैकेट और बैग में रखा गया। बाद में इन्हें एक बड़े बॉक्स में भरकर ट्रेन के जरिए लखनऊ भेजने की कोशिश की गई ताकि पहचान मिटाई जा सके और पुलिस जांच गुमराह हो जाए।
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी और उसके सहयोगी ई-रिक्शा से बॉक्स लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचे और भीड़भाड़ का फायदा उठाकर उसे ट्रेन के स्लीपर कोच में छोड़कर फरार हो गए। हालांकि पुलिस ने CCTV फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसपी जीआरपी रोहित मिश्रा ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया गया था। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी पिता बिग्गन अंसारी के साथ मृतका की बुआ और फूफा को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मृतका के सिर सहित अन्य अंगों की भी बरामदगी कर ली है। उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड के खुलासे में शामिल पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
इस निर्मम वारदात के सामने आने के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोग आरोपियों को फांसी जैसी कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन शामिल था।




