मऊ- स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने स्कूल वाहनों के संचालन पर सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बिना फिटनेस प्रमाणपत्र और चालक के पुलिस चरित्र सत्यापन के कोई भी स्कूल वाहन सड़क पर नहीं चलेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों और वाहन संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जनपद के 1,130 पंजीकृत स्कूल वाहनों में से 1,032 की फिटनेस पूरी हो चुकी है, जबकि 98 वाहन जांच में असफल पाए गए हैं। संबंधित विद्यालयों को नोटिस जारी कर उनकी सूची पुलिस को भी सौंप दी गई है। प्रशासन ने निजी वाहनों, अनधिकृत ई-रिक्शा और ऑटो से बच्चों के परिवहन पर भी सख्ती बढ़ा दी है। अभियान के दौरान छह निजी वाहनों का चालान और तीन वाहन सीज किए गए। जिलाधिकारी ने बच्चों की यात्रा अवधि एक घंटे से अधिक न होने तथा बस चालकों को श्रम विभाग के मानकों के अनुसार वेतन दिए जाने के साथ नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने सभी स्कूल वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन, वाहन में सीसीटीवी, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स वैध ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य करने के साथ थाना प्रभारियों को यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट रामबाबू, जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद, जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. श्वेता त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी रश्मि मिश्रा सहित प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
स्कूल परिवहन व्यवस्था पर प्रशासन की पैनी नजर बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं, बिना फिटनेस के नहीं दौड़ेंगे स्कूल वाहन




