मऊ- गांव-गिरांव में कहा जाता है कि “जैसा अन्न, वैसा मन”। बच्चों की थाली में पौष्टिक और साफ-सुथरा भोजन पहुंचे तो तन के साथ मन भी स्वस्थ रहता है। इसी सोच को साकार करने वाले विद्यालयों के रसोइयों के सम्मान में नगरपालिका कम्युनिटी हॉल में खास कार्यक्रम आयोजित किया गया। मौका था रसोइया कैशलेस कार्ड वितरण एवं सम्मान समारोह का। लखनऊ से मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित रसोइया कैशलेस कार्ड वितरण एवं सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण किया गया। इसके बाद सदर तहसील क्षेत्र के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को पांच लाख के प्रतीकात्मक कैशलेस कार्ड तथा बढ़े हुए तीन हजार रुपए मानदेय के डेमो चेक वितरित किए गए। कार्ड और चेक हाथ में आते ही रसोइयों के चेहरों पर खुशी साफ झलक उठी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पीएम पोषण योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसका मकसद बच्चों को शिक्षा के साथ बेहतर पोषण उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने रसोइयों से कहा कि बच्चों के लिए भोजन तैयार करते समय स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि छोटी-सी सावधानी भी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बड़ी भूमिका निभाती है। रसोइयों की मेहनत से रोजाना सैकड़ों बच्चों की थाली सजती है और यही मेहनत पीएम पोषण योजना को जमीन पर मजबूती देती है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी अतिथियों और उपस्थितजनों का स्वागत करते हुए कहा कि पोषण, शिक्षा और विकास एक-दूसरे से जुड़े हैं। उन्होंने रसोइयों के योगदान की सराहना करते हुए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से दायित्व निभाने का आह्वान किया। ग्रामीण कहावत है कि “नींव मजबूत हो तो इमारत अपने आप मजबूत होती है” और बच्चों के स्वस्थ भविष्य की नींव में उचित पोषण की अहम भूमिका है। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य विकास अधिकारी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर की। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर ऐसा समां बांधा कि सभागार तालियों से गूंज उठा। रसोइयों और अतिथियों के चेहरे पर बच्चों की प्रस्तुतियों की खुशी साफ दिखाई दी। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक, डीसी मनरेगा, खंड शिक्षा अधिकारी रतनपुरा एवं परदहा, डीसी एमडीएम, बालिका शिक्षा से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी, कार्यालय स्टाफ सहित सैकड़ों रसोइये, शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन एसआरजी अरविन्द पाण्डेय ने किया।
रसोइयों के सम्मान से खिले चेहरे, “जैसा अन्न वैसा मन” की सीख के साथ बांटे 5 लाख का कैशलेस कार्ड और मानदेय का डेमोचेक




