मऊ- जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है। जून- 26 में सड़क हादसों में 21 लोगों की मौत हुई, जबकि जून- 25 में यह संख्या 10 थी। यानी एक वर्ष में मृतकों की संख्या में 110 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि जून-26 में कुल 32 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 28 हादसे हुए थे। यातायात नियमों के उल्लंघन पर बिना हेलमेट 371, बिना सीट बेल्ट 101, रॉन्ग साइड 75, नशे में वाहन चलाने पर 16 तथा मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने पर 32 चालान किए गए।अपर जिलाधिकारी ने ब्लैक स्पॉट्स पर सुधारात्मक कार्य, चेतावनी संकेतक, रंबल स्ट्रिप, स्पीड ब्रेकर लगाने और नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने तथा सभी विभागों को समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। हालांकि सवाल यह भी है कि जब प्रशासन नियमित जागरूकता अभियान, रैलियां और सड़क सुरक्षा दिवस आयोजित कर रहा है, तब भी हादसों में इतनी वृद्धि क्यों हो रही है। प्रशासन का केवल चालान और अभियान पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए सड़क इंजीनियरिंग में सुधार, कड़ी निगरानी, स्कूल स्तर पर यातायात शिक्षा, तेज गति पर प्रभावी नियंत्रण और नागरिकों द्वारा नियमों का ईमानदारी से पालन ही इस बढ़ती चुनौती पर अंकुश लगाने का स्थायी समाधान हो सकता है।
सड़क हादसों ने बढ़ाई चिंता, एक साल में मौतें 110% बढ़ीं, एडीएम की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक, ब्लैक स्पॉट सुधारने और नियमों के सख्त पालन के निर्देश




