लखनऊ, 30 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की 21वीं वार्षिक आम सभा (एजीएम) में डॉ. संजय कपूर को लगातार दूसरी बार यूपी टी-20 लीग का चेयरमैन बनाया गया है। बुधवार को कानपुर के पांच सितारा होटल लैंडमार्क में आयोजित एजीएम में यूपीसीए से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। गाजीपुर के संजीव कुमार सिंह को भी दोबारा गवर्निंग काउंसिल का सदस्य चुना गया।
एजीएम में चार निदेशकों अभिषेक सिंघानिया, अशोक चतुर्वेदी, रियासत अली और प्रदीप कुमार गुप्ता को भी उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद पुनर्नियुक्त किया गया। गवर्निंग काउंसिल के दो पदों के लिए दो ही नामांकन प्राप्त होने के कारण दोनों पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ।

सभी कमेटियों पर फैसला अध्यक्ष और सचिव करेंगे
यूपीसीए की एजीएम के दौरान विभिन्न कमेटियों के गठन को लेकर भी निर्णय लिया गया। सभी कमेटियों पर अंतिम फैसला लेने का अधिकार यूपीसीए अध्यक्ष और सचिव को दिया गया है। इसके बाद संगठनात्मक स्तर पर आगामी कार्यों और समितियों के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
एजीएम के बाद बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बैठक में लिए गए प्रमुख फैसलों और यूपी क्रिकेट से जुड़े आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।
पूर्व न्यायाधीश विनीत शरण लोकपाल, कृष्ण मुरारी एथिक्स ऑफिसर
राजीव शुक्ला ने बताया कि यूपीसीए ने पूर्व न्यायाधीश विनीत शरण को लोकपाल और कृष्ण मुरारी को एथिक्स ऑफिसर नियुक्त किया है। इन नियुक्तियों के साथ यूपीसीए में संबंधित संस्थागत जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए नई व्यवस्था लागू होगी।
वाराणसी के नए स्टेडियम में जल्द शुरू होंगे घरेलू मुकाबले
यूपीसीए के वाराणसी में तैयार हो रहे नए स्टेडियम को लेकर भी एजीएम के बाद महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। राजीव शुक्ला ने बताया कि स्टेडियम में जल्द ही घरेलू क्रिकेट के मुकाबले आयोजित किए जाने की तैयारी है।
उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर के मुकाबले शुरू करने से पहले स्थानीय स्तर पर मैच आयोजित कराकर पिच और मैदान की स्थिति का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद स्टेडियम में बड़े स्तर के क्रिकेट आयोजनों की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
WPL की मेजबानी के लिए काशी स्टेडियम विकल्प में
वाराणसी में बन रहे नए स्टेडियम को लेकर एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। राजीव शुक्ला के मुताबिक अगले वर्ष होने वाली बीसीसीआई महिला प्रीमियर लीग (WPL) की मेजबानी के लिए काशी स्टेडियम को बड़ौदा के साथ एक विकल्प के तौर पर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि यदि स्टेडियम निर्धारित समय तक पूरी तरह तैयार हो जाता है और आवश्यक मानकों को पूरा करता है, तो वहां डब्ल्यूपीएल के मुकाबले आयोजित किए जा सकते हैं। हालांकि इसके लिए स्टेडियम की तैयारियों और सुविधाओं का पूरा होना महत्वपूर्ण होगा।

कानपुर में नए मैदान के लिए CSJMU से बातचीत
कानपुर में कमला क्लब की लीज समाप्त होने और ग्रीन पार्क स्टेडियम के कायाकल्प का काम शुरू होने के बीच यूपीसीए एक नए विकल्प की दिशा में भी काम कर रहा है।
राजीव शुक्ला ने बताया कि कानपुर विश्वविद्यालय में बन रहे नए स्टेडियम के साथ यूपीसीए एमओयू करने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि कानपुर शहर में एक स्तरीय क्रिकेट मैदान की आवश्यकता थी और इस संबंध में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) से बातचीत चल रही है।
एमओयू होने के बाद वहां यूपीसीए की क्रिकेट संबंधी गतिविधियां शुरू की जा सकेंगी। इससे कानपुर में क्रिकेट गतिविधियों के लिए एक अतिरिक्त मैदान उपलब्ध होने की संभावना है।
यूपी टी-20 लीग के पांचवें सीजन में आठ टीमों पर विचार
यूपी टी-20 लीग के चौथे सीजन की सफलता पर राजीव शुक्ला ने चेयरमैन डॉ. संजय कपूर को बधाई दी। उन्होंने बताया कि लीग के पांचवें सीजन में भी दो शहरों के प्रारूप को बरकरार रखा जाएगा।
इसके साथ ही यूपी टी-20 लीग की गवर्निंग काउंसिल अगले सत्र में आठ टीमों को शामिल करने के प्रस्ताव पर विचार कर सकती है। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो आगामी सीजन में लीग का विस्तार किया जा सकता है। हालांकि आठ टीमों को शामिल करने का अंतिम निर्णय गवर्निंग काउंसिल के स्तर पर लिया जाएगा।
यूपीसीए एजीएम में कई पदाधिकारी रहे मौजूद
कानपुर में आयोजित यूपीसीए की 21वीं वार्षिक आम सभा में एसोसिएशन के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
बैठक में यूपीसीए अध्यक्ष निधिपति सिंघानिया, सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता, कोषाध्यक्ष सचिन आनंद शुक्ला, उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा, संयुक्त सचिव डॉ. उमेर हसन, सीईओ अंकित चटर्जी, मीडिया कमेटी के चेयरमैन मोहम्मद फहीम और अहमद अली खान तालिब समेत यूपीसीए के सदस्य उपस्थित रहे।
एजीएम के दौरान संगठनात्मक नियुक्तियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में क्रिकेट के बुनियादी ढांचे और यूपी टी-20 लीग के आगामी सीजन को लेकर भी दिशा तय की गई।




