मऊ- सरायसादी गांव में करीब 25 वर्षों से बंद पड़ा देश के शुरुआती 100 किलोवाट ऑफ-ग्रिड सोलर प्लांट को अब नया जीवन मिलने जा रहा है। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि पर प्लांट के पुनर्जीवन और आधुनिकीकरण की पहल की है। प्रस्ताव है कि इस संयंत्र की क्षमता बढ़ाकर 5 मेगावाट की जाए और इसे अत्याधुनिक सौर ऊर्जा पार्क के रूप में विकसित किया जाए।मंत्री ने बताया कि वर्ष 1992 में स्थापित इस ऐतिहासिक सोलर प्लांट का नामकरण स्व. कल्पनाथ राय के नाम पर करने तथा परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। उनका कहना है कि इससे ऊर्जा क्षेत्र में स्व. राय के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। ऊर्जा विभाग के मुताबिक, आधुनिक तकनीक से विकसित होने के बाद यह परियोजना न केवल हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी, बल्कि क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना को भी नई पहचान देगी। सरकार का मानना है कि यह पहल प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार और ऊर्जा विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
25 साल बाद फिर चमकेगा सरायसादी का सोलर प्लांट, स्व. कल्पनाथ राय के नाम पर बनेगा 5 मेगावाट का सौर ऊर्जा पार्क




