अब यूपी टी20 के रोमांच को कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया तक पहुंचा रहे हैं
लखनऊ, 26 अगस्त 2026। क्रिकेट के जुनून के लिए किसी बड़ी गाड़ी या खास साधन की जरूरत नहीं होती, जरूरत होती है तो सिर्फ जज्बे की। लखनऊ के रत्नेश कुमार इस बात की मिसाल हैं। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद क्रिकेट के प्रति उनका उत्साह कम नहीं हुआ है। वह ट्राइसाइकिल से इकाना स्टेडियम पहुंचते हैं, स्टैंड्स में बैठकर यूपी टी20 लीग के मुकाबलों का आनंद लेते हैं और मैच के रोमांच को कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचाते हैं।
रत्नेश एल्युमिनियम-ग्लास के पारिवारिक कारोबार में हाथ बंटाने के साथ सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन भी करते हैं। 10वीं तक पढ़ाई करने वाले रत्नेश अब सिर्फ क्रिकेट देखने वाले दर्शक नहीं हैं, बल्कि यूपी टी20 लीग से जुड़े उन प्रशंसकों में शामिल हैं, जो अपने तरीके से लीग की कहानियों को लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
इकाना में नियमित मौजूदगी
इकाना स्टेडियम में जारी यूपी टी20 लीग के दौरान रत्नेश अपनी ट्राइसाइकिल से नियमित रूप से पहुंच रहे हैं। वह मुकाबलों का लुत्फ उठाने के साथ काशी रुद्रास के लगभग सभी मैचों को अपने कैमरे में कैद कर रहे हैं।
क्रिकेट उनके लिए महज एक खेल नहीं, बल्कि उनकी दिनचर्या और जुनून का हिस्सा है। पसंदीदा खिलाड़ियों की बात आती है तो वह भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा और यूपी टी20 में खेल रहे अनुभवी खिलाड़ी कर्ण शर्मा का नाम लेते हैं।
रोहित शर्मा से पहली मुलाकात बनी यादगार
रत्नेश के लिए वर्ष 2023 की एक मुलाकात आज भी खास है। इसी दौरान उन्हें पहली बार रोहित शर्मा से मिलने का मौका मिला था। रत्नेश बताते हैं कि उस समय वह इतने नर्वस थे कि ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे। इसी बीच रोहित शर्मा ने उनसे मुस्कुराकर पूछा, “आप कैसे हैं?”
रोहित के साथ बातचीत के वे चंद पल रत्नेश के लिए आज भी यादगार हैं।
कारोबार के साथ कंटेंट क्रिएशन
रत्नेश अपने पारिवारिक एल्युमिनियम-ग्लास कारोबार में भी सक्रिय हैं। इसके साथ ही वह समय निकालकर क्रिकेट से जुड़े वीडियो तैयार करते हैं। स्टेडियम में शूटिंग के दौरान उनके छोटे भाई और दोस्त भी उनकी मदद करते हैं।
खास बात यह है कि रत्नेश केवल वीडियो शूट करने तक सीमित नहीं रहते। वह शूटिंग के बाद वीडियो की एडिटिंग भी खुद करते हैं। एंकरिंग से लेकर एडिटिंग तक कंटेंट तैयार करने की पूरी प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भूमिका रहती है।
परिवार का मिला मजबूत साथ
रत्नेश की इस यात्रा में उनका परिवार सबसे बड़ा सहारा है। माता-पिता और दोनों छोटे भाई उनके क्रिकेट प्रेम और कंटेंट क्रिएशन के जुनून को पूरा समर्थन देते हैं। स्टेडियम पहुंचने से लेकर शूटिंग और सोशल मीडिया के लिए सामग्री तैयार करने तक परिवार उनकी मदद करता है।
रत्नेश के लिए उनकी ट्राइसाइकिल सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि अपने पसंदीदा खेल और उससे जुड़े सपनों तक पहुंचने का जरिया बन चुकी है।
सोशल मीडिया ने दी नई पहचान
सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाने की शुरुआत रत्नेश ने सामान्य तौर पर कुछ वीडियो तैयार करके की थी। उन्होंने कई ऐसे लोगों को देखा, जिन्होंने अपनी मेहनत और रचनात्मकता के दम पर सोशल मीडिया पर पहचान बनाई। इससे उन्हें भी अपना हुनर लोगों तक पहुंचाने की प्रेरणा मिली।
शुरुआती वीडियो पर मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और धीरे-धीरे कंटेंट क्रिएशन उनके जीवन का हिस्सा बन गया। अब यूपी टी20 लीग उनके लिए अपने कंटेंट को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच बन गई है।
यूपी टी20 लीग और यूपीसीए की पहल की सराहना
रत्नेश ने यूपी टी20 लीग की भी सराहना की। उनका कहना है कि यूपीसीए, राजीव शुक्ला और डॉ. संजय कपूर के प्रयासों से उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिल रहा है। वह प्रशांत वीर और अभिनंदन सिंह जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहते हैं कि ऐसी लीग प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने और नई पहचान बनाने का अवसर देती है।
रत्नेश की कहानी बताती है कि खेल से जुड़ने के लिए परिस्थितियां नहीं, बल्कि जुनून और इच्छाशक्ति मायने रखती है। इकाना के स्टैंड्स में बैठा यह क्रिकेट प्रेमी अपने कैमरे के जरिए सिर्फ मैच का रोमांच ही नहीं, बल्कि अपने जज्बे की कहानी भी लोगों तक पहुंचा रहा है।




