झांसी/लखनऊ, 9 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के झांसी में शनिवार, 10 अक्टूबर से 16वीं हॉकी इंडिया सीनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप-2026 का आगाज होने जा रहा है। 21 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर की 29 टीमें तीन डिवीजन—ए, बी और सी—में अपनी चुनौती पेश करेंगी। प्रतियोगिता का सबसे बड़ा मुकाबला डिवीजन ए का फाइनल होगा, जो 21 अक्टूबर को खेला जाएगा। राष्ट्रीय स्तर की इस चैंपियनशिप में विभिन्न राज्यों की टीमें खिताब जीतने के साथ अपनी प्रतिभा और दमखम दिखाने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी।
हॉकी इंडिया के अनुसार, टीमों को वर्ष 2025 की चैंपियनशिप में उनकी रैंकिंग के आधार पर तीन डिवीजन में बांटा गया है। डिवीजन ए में 12, डिवीजन बी में 10 और डिवीजन सी में सात टीमें शामिल हैं। डिवीजन बी और सी के मुकाबले 10 अक्टूबर से शुरू होंगे, जबकि डिवीजन ए के मैच 14 अक्टूबर से खेले जाएंगे। इस तरह प्रतियोगिता के शुरुआती चरण में ही कई राज्यों की टीमों को अपनी तैयारियों और खेल क्षमता को परखने का अवसर मिलेगा।
गत विजेता पंजाब के सामने खिताब बचाने की चुनौती
पिछले संस्करण में हॉकी पंजाब ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था। वर्ष 2025 के डिवीजन ए फाइनल में पंजाब ने हॉकी मध्य प्रदेश को 4-1 से हराकर ट्रॉफी जीती थी। इस बार भी पंजाब की टीम खिताब की प्रमुख दावेदारों में शामिल रहेगी। हालांकि, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की टीमें भी मजबूत चुनौती पेश करने की कोशिश करेंगी।
पिछले संस्करण में हॉकी उत्तर प्रदेश ने भी शानदार प्रदर्शन किया था। उत्तर प्रदेश की टीम ने तीसरे स्थान के मुकाबले में मणिपुर हॉकी को 5-1 से हराकर कांस्य पदक हासिल किया था। ऐसे में इस बार घरेलू राज्य की टीम से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। टीम के सामने पूल चरण में अच्छे परिणाम हासिल कर नॉकआउट दौर तक पहुंचने की चुनौती होगी।

डिवीजन ए में 12 टीमें, चार पूल में मुकाबले
डिवीजन ए प्रतियोगिता का सबसे अहम वर्ग होगा, जिसमें 12 टीमों को चार पूल में बांटा गया है। प्रत्येक पूल में तीन टीमें शामिल हैं। पूल चरण में टीमों के प्रदर्शन के आधार पर आगे की राह तय होगी और हर मुकाबला नॉकआउट चरण में पहुंचने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।
पूल ए: हॉकी पंजाब, हॉकी यूनिट ऑफ तमिलनाडु और हॉकी बंगाल।
पूल बी: हॉकी मध्य प्रदेश, हॉकी महाराष्ट्र और ले पुडुचेरी हॉकी।
पूल सी: हॉकी उत्तर प्रदेश, हॉकी कर्नाटक और हॉकी चंडीगढ़।
पूल डी: मणिपुर हॉकी, हॉकी हरियाणा और दिल्ली हॉकी।
इन चारों पूल में टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। गत चैंपियन पंजाब जहां अपने खिताब की रक्षा करने उतरेगा, वहीं मध्य प्रदेश पिछले वर्ष के फाइनल की हार का हिसाब बराबर करने की कोशिश करेगा। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और कर्नाटक जैसी टीमें भी अगले चरण में जगह बनाने के लिए अपना पूरा दमखम लगाएंगी।
14 अक्टूबर से शुरू होंगे डिवीजन ए के मुकाबले
डिवीजन ए के मैच 14 अक्टूबर से शुरू होंगे। पूल चरण के बाद 18 अक्टूबर को क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। प्रत्येक पूल की शीर्ष दो टीमें नॉकआउट चरण में प्रवेश करेंगी। इस व्यवस्था के तहत आठ टीमें क्वार्टर फाइनल में जगह बनाएंगी और सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी।
प्रतियोगिता का कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है:
- 10 अक्टूबर: डिवीजन बी और डिवीजन सी के मुकाबलों की शुरुआत।
- 14 अक्टूबर: डिवीजन ए के मुकाबले शुरू होंगे।
- 18 अक्टूबर: डिवीजन ए के क्वार्टर फाइनल।
- 19 अक्टूबर: डिवीजन ए के सेमीफाइनल।
- 21 अक्टूबर: तीसरे स्थान का मुकाबला और डिवीजन ए का फाइनल।
फाइनल मुकाबले के साथ चैंपियनशिप के डिवीजन ए का खिताबी अभियान पूरा होगा। टीमों के लिए पूल चरण में निरंतरता बनाए रखना जरूरी होगा, क्योंकि शुरुआती मुकाबलों में मिली जीत नॉकआउट दौर में पहुंचने की संभावनाओं को मजबूत कर सकती है।
डिवीजन बी में 10 टीमें आजमाएंगी दम
डिवीजन बी में कुल 10 टीमों को दो पूल में रखा गया है। इस वर्ग में शामिल टीमें 10 अक्टूबर से अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। सभी टीमों का लक्ष्य बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपने डिवीजन में शीर्ष स्थान हासिल करना होगा।
पूल ए: हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा, असम हॉकी, केरल हॉकी, हॉकी उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ हॉकी।
पूल बी: हॉकी झारखंड, तेलंगाना हॉकी, गोअन्स हॉकी, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव हॉकी तथा हॉकी अरुणाचल।
डिवीजन बी में पांच-पांच टीमों के दो पूल बनाए गए हैं। इस प्रारूप में टीमों को अपने अभियान के दौरान लगातार अच्छे परिणाम हासिल करने होंगे। शुरुआती मुकाबलों में जीत हासिल करने वाली टीमें आगे की प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति बनाने का प्रयास करेंगी।
डिवीजन सी में सात टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा
डिवीजन सी में सात टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें दो पूल में बांटा गया है। इस वर्ग के मुकाबले भी 10 अक्टूबर से शुरू होंगे। इसमें विभिन्न राज्यों की टीमें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने और प्रतियोगिता में बेहतर परिणाम हासिल करने का प्रयास करेंगी।
पूल ए: हॉकी मिजोरम, हॉकी हिमाचल और हॉकी जम्मू-कश्मीर।
पूल बी: हॉकी आंध्र प्रदेश, हॉकी राजस्थान, बिहार (बीएसएसए) और हॉकी गुजरात।
डिवीजन सी में पूल ए में तीन और पूल बी में चार टीमें शामिल हैं। प्रत्येक टीम के लिए शुरुआती मैच महत्वपूर्ण होंगे। खिलाड़ियों को इस प्रतियोगिता के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने और अपनी टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच
हॉकी इंडिया सीनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप देश के विभिन्न राज्यों की टीमों को एक साझा मंच उपलब्ध कराती है। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी तकनीक, फिटनेस, रणनीति और टीमवर्क का प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है। तीन डिवीजन में आयोजित होने वाली यह चैंपियनशिप अलग-अलग रैंकिंग वाली टीमों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका देती है।
झांसी में 10 से 21 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता के दौरान डिवीजन बी और सी के मुकाबले पहले शुरू होंगे, जबकि डिवीजन ए का खिताबी चरण अंतिम सप्ताह में पहुंचेगा। अब सभी टीमों की निगाहें अपने शुरुआती मुकाबलों पर होंगी। खास तौर पर गत विजेता पंजाब और पिछले संस्करण की कांस्य पदक विजेता उत्तर प्रदेश की टीमों के प्रदर्शन पर हॉकी प्रेमियों की नजर रहेगी।
झांसी में खिताबी मुकाबले तक रोमांच बरकरार रहने की उम्मीद
16वीं सीनियर पुरुष राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में 29 टीमों की भागीदारी इसे घरेलू हॉकी कैलेंडर का महत्वपूर्ण आयोजन बनाती है। अलग-अलग डिवीजन में होने वाले मुकाबलों से खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी अनुभव मिलेगा और टीमों को अपनी ताकत तथा कमजोरियों का आकलन करने का अवसर मिलेगा।
डिवीजन ए में 21 अक्टूबर को होने वाला फाइनल प्रतियोगिता का प्रमुख आकर्षण रहेगा। पंजाब की टीम जहां अपने खिताब को बरकरार रखने का लक्ष्य लेकर उतरेगी, वहीं अन्य टीमें उसे चुनौती देने और नई चैंपियन बनने की कोशिश करेंगी। झांसी में अगले 12 दिनों तक राष्ट्रीय हॉकी का रोमांच देखने को मिलेगा।




