गोरखपुर, 20 मई, 2026ः पूर्वोत्तर रेलवे पर यात्री सुविधाओं एवं रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, सुगम और तेज बनाने हेतु आधारभूत संरचना के विकास कार्य निरंतर प्रगति पर हैं। इसी क्रम में वाराणसी मंडल के गोरखपुर कैंट-पनियहवा रेल खंड पर संचालित गोरखपुर कैंट-वाल्मीकि नगर दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत उनौला-पिपराइच स्टेशनों के मध्य दोहरीकृत रेल लाइन का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत निर्मित नई दोहरीकृत रेल लाइन का निरीक्षण रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर पूर्व सर्किल द्वारा दिनांक 21 मई, 2026 को किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान रेल पथ, सिग्नल व्यवस्था, पुल-पुलियों, संरक्षा मानकों तथा अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही नई रेल लाइन पर निर्धारित गति से स्पीड ट्रायल भी संचालित किया जाएगा, जिससे इस खंड पर ट्रेनों के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन का आकलन किया जा सके।
रेलवे प्रशासन ने आमजन से विशेष अपील करते हुए कहा है कि निरीक्षण एवं स्पीड ट्रायल के दौरान सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से पालन करें। नागरिक इस दौरान नवनिर्मित दोहरीकृत रेल लाइन के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं तथा अपने पशुओं को भी रेल पथ पर न जाने दें। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्पीड ट्रायल के समय ट्रेनें उच्च गति से संचालित होंगी, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है।
पूर्वोत्तर रेलवे ने बताया कि गोरखपुर कैंट-वाल्मीकि नगर दोहरीकरण परियोजना पूर्ण होने से इस महत्वपूर्ण रेल खंड की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे ट्रेनों के संचालन में सुगमता आएगी, समय पालन में सुधार होगा तथा माल एवं यात्री यातायात को गति मिलेगी। साथ ही क्षेत्रीय विकास और रेल संपर्क को भी नई मजबूती प्राप्त होगी।




