रेडिएंट पैरा क्रिकेट लीग में बॉम्बे मावेरिक्स के आकिब मलिक की रिकॉर्डतोड़ पारी, पैरा क्रिकेट को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम
आगरा, 10 अक्टूबर 2026। क्रिकेट के मैदान पर कुछ पारियां केवल स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि खेल की ताकत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प की नई मिसाल बन जाती हैं। रेडिएंट पैरा क्रिकेट लीग 2026 के उद्घाटन संस्करण में बॉम्बे मावेरिक्स के आकिब मलिक ने ऐसी ही यादगार पारी खेलते हुए क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। आकिब ने महज 74 गेंदों पर नाबाद 195 रन बनाकर लीग में नया कीर्तिमान स्थापित किया। उनकी विस्फोटक पारी में 17 चौके और 15 छक्के शामिल रहे।
आकिब की इस शानदार बल्लेबाजी की बदौलत बॉम्बे मावेरिक्स ने दो विकेट के नुकसान पर 280 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। वह दोहरा शतक पूरा करने से महज पांच रन दूर रह गए। हालांकि, उनका 195 रन का नाबाद स्कोर अपने आप में बेहद प्रभावशाली उपलब्धि बन गया। आयोजकों की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, आकिब ने 2 अक्टूबर 2026 को टाइटन्स की ओर से नाइट्स के खिलाफ लुआन-द्रे प्रिटोरियस के बनाए 188 रन के नाबाद स्कोर को पीछे छोड़ दिया।
चौकों-छक्कों की बरसात से दर्शकों को किया रोमांचित
आकिब मलिक ने अपनी पारी के दौरान आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। 17 चौकों और 15 छक्कों की मदद से उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। 74 गेंदों में नाबाद 195 रन की यह पारी उनकी बल्लेबाजी क्षमता और बड़े स्कोर बनाने की काबिलियत को दर्शाती है।
इस प्रदर्शन ने रेडिएंट पैरा क्रिकेट लीग के उद्घाटन संस्करण को खास पहचान दी है। यह पारी सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पैरा क्रिकेट में मौजूद प्रतिभा और प्रतिस्पर्धा के स्तर को सामने लाने का भी अवसर बनी है।

पैरा क्रिकेट को नई पहचान देने की पहल
आगरा के जेबी क्रिकेट ग्राउंड पर 6 से 11 अक्टूबर तक आयोजित रेडिएंट पैरा क्रिकेट लीग में छह टीमें हिस्सा ले रही हैं। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल खिताब जीतने तक सीमित नहीं है। आयोजकों के अनुसार, लीग के जरिए पैरा क्रिकेट को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने, युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए खेल के क्षेत्र में नए अवसर तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
लीग के सह-निर्माता राधिका खेत्रपाल ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य एक टूर्नामेंट कराने से आगे बढ़कर पैरा क्रिकेट को सम्मानजनक और वास्तविक करियर विकल्प के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने आकिब मलिक की पारी को लोगों की धारणाओं को चुनौती देने वाला प्रदर्शन बताया और कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उचित मंच, निवेश और सम्मान मिलना चाहिए।
सहानुभूति नहीं, समान अवसर और सम्मान की जरूरत
पैरा खेलों की सबसे बड़ी चुनौती प्रतिभा की कमी नहीं, बल्कि कई बार पर्याप्त अवसर, संसाधन और पहचान का अभाव होता है। रेडिएंट पैरा क्रिकेट लीग इसी अंतर को कम करने की दिशा में एक पहल के रूप में सामने आई है। इसका संदेश है कि दिव्यांग खिलाड़ियों को उनकी क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर अवसर मिलने चाहिए।
आकिब मलिक की पारी इस बात को रेखांकित करती है कि सही मंच मिलने पर खिलाड़ी अपनी प्रतिभा से खेल जगत में अलग पहचान बना सकते हैं। ऐसी उपलब्धियां युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने, प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
छह टीमें, एक चैंपियन और समावेशिता का संदेश
रेडिएंट पैरा क्रिकेट लीग का आयोजन डिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया द्वारा किया जा रहा है। रेडिएंट इस लीग का प्रमोटर है, जबकि चिल्ड्रन ऑफ गॉड सहयोगी के रूप में जुड़ा है। 6 से 11 अक्टूबर 2026 तक चल रही इस प्रतियोगिता में छह टीमें खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।
लीग का अभियान संदेश ‘सोच में बदलाव’ है। इसके माध्यम से समावेशिता, समान अवसर, खेल उत्कृष्टता और दिव्यांग खिलाड़ियों को उचित पहचान देने पर जोर दिया जा रहा है।
आकिब मलिक की 74 गेंदों पर नाबाद 195 रन की पारी ने टूर्नामेंट को एक यादगार उपलब्धि दी है। इस आयोजन की व्यापक सफलता इस बात से भी जुड़ी होगी कि पैरा क्रिकेट को कितनी पहचान मिलती है और कितने नए खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होते हैं।





