मऊ- समाजवादी पार्टी के एक सांसद प्रतिनिधि द्वारा कथित रूप से दिए गए जातिसूचक बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। “भर चमार बुझले बाड़े का” जैसी कथित टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री विजय राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे सामाजिक सौहार्द, दलित सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार बताया है। पत्रकारों से बातचीत में विजय राजभर ने कहा कि जिन समाजों के समर्थन से समाजवादी पार्टी राजनीतिक ताकत हासिल करती है, उन्हीं समुदायों के प्रति इस प्रकार की कथित भाषा उसकी मानसिकता को उजागर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान समाज में वैमनस्य फैलाने वाले हैं और सामाजिक समरसता को कमजोर करते हैं। भाजपा नेता ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व से मांग की कि पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित सांसद प्रतिनिधि को पद से हटाया जाए तथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई और आवश्यक होने पर मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की। विजय राजभर ने यह भी कहा कि घटना के तीन दिन बीत जाने के बावजूद समाजवादी पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता ने न तो इस कथित बयान की सार्वजनिक निंदा की और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया। उनके अनुसार, पार्टी की यह चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने जानकारी दी कि इस पूरे प्रकरण को लेकर 20 जुलाई के बाद एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी और आंदोलन की रूपरेखा पर विचार किया जाएगा।
जातिसूचक टिप्पणी पर सियासत तेज, भाजपा ने सपा सांसद प्रतिनिधि पर कार्रवाई की उठाई मांग “दलित व वंचित समाज का अपमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं”— प्रदेश मंत्री विजय राजभर




