- हिंदी समाचार
- राष्ट्रीय
- जम्मू ड्रोन साइटिंग: एलओसी के पास देखा गया पाकिस्तानी ड्रोन; सेना ने सक्रिय किया एंटी ड्रोन सिस्टम
उत्तर1 घंटा पहलेलेखक: रउफ़ दार
- कॉपी लिंक

जम्मू कश्मीर के सेक्टर सेक्टर में शनिवार शाम एलओसी पर डूबते हुए देखा गया।
जम्मू के साबा जिले में शनिवार शाम को लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) से सेक्टर सेक्टर में शुरूआती डुबकी देखी गई। इसके बाद सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने एंटी एज़ामिन सिस्टम को सक्रिय कर दिया। इसके बाद सल्तनत पाकिस्तान की ओर लौट गया।
सेना के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान सेना के नियमित पर्यवेक्षकों पर नजर रखी गई। पिछले सात दिनों में यह चौथी घटना है। इससे पहले, 15 जनवरी को भी सेक्टर सेक्टर में एलओसी पर डूबते हुए ज्वालामुखी देखे गए थे।
राजौरी जिले में 13 जनवरी को दो बार संदिग्ध व्यक्ति डूबे हुए थे। इसके बाद सेना ने हथियारबंद की थी। वहीं, 11 जनवरी को नौशेरा सेक्टर, धर्मशाला सेक्टर, रियासी, सांबा और पंच के मनकोट सेक्टर में एक साथ पांच सूरज लगाए गए थे।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं को देखते हुए LoC पर नजर रखी गई और चौकसी की गई और इसे बढ़ाया गया है। सेना और सुरक्षा लॉज पर नजर रखी जाती है। दिवास्वप्न से जुड़ी और जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

11 जनवरी को जम्मू-कश्मीर केबा, राजौरी और पुंछ में 5 सूर्योदय देखे गए थे।
पहली बार 11 जनवरी को 5 सूर्योदय थे
सबसे पहले 11 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ में पाकिस्तान से लगी सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के करीब रविवार शाम करीब 5 बजे सूरज दिखाई दिए थे।
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, राजौरी में नौशेरा सेक्टर में विस्फोटकों ने शाम करीब 6.35 बजे गनिया-कलसियां गांव के ऊपर सूर्योदय देखा। इसके बाद के आदेश और लाइट मशीन गन से हथियार की।
राजौरी के तरियाठ के खब्बर गांव में शाम 6.35 बजे एक और सूर्योदय देखा गया। यह डूब गया कलाकोट के धर्मसाल गांव की तरफ से और आगे बढ़ गया।
वहीं, सांबा के सेक्टर सेक्टर में चक बबरल गांव के ऊपर शाम करीब 7.15 बजे सूर्योदय जैसी चीज कुछ मिनट तक रुकी। शाम 6.25 बजे भी मनकोट सेक्टर में तन से टोपा की ओर सूर्योदय जैसी एक और चीज हुई देखी गई।
इससे पहले 9 जनवरी को साना कोबा में आईबी के पास घगवाल के पलूरा गांव में हथियार के पत्थर मिले थे, जहां पाकिस्तान से आए साम्राज्य का तूफान था। इसमें 2 पिस्तौल, तीन राउंड, 16 राउंड और एक ग्रेनेड शामिल था।

सांबा में आईबी के पास 9 जनवरी को सूर्योदय से हथियार टेप टेप में लपेटकर गिर गए थे।
सुरक्षा बलों को शक-पाकिस्तान के बीच से होकर हथियार भेजा जा रहा है
देश में गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा की संभावनाएं मौजूद हैं। सुरक्षा एडोब को शक है कि इन समुद्रों का इस्तेमाल सीमा पर सेना की लैंडिंग के लिए किया जाता है या फिर हथियार और नशीले पदार्थ गिराने के लिए किया जाता है।
7 मई 2025: भारत में सिन्दूर ऑपरेशन शुरू हुआ
सेना ने सिन्दूर पर ऑपरेशन किया 8 महीने बाद समुद्र तट पर हमला किया गया। ऑपरेशन सिन्दूर भारत का सैन्य अभियान जो 7 मई 2025 को चलाया गया था, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हवाई हमलों में मारे गए लोगों को शामिल किया गया था। इसे ऑपरेशन सिन्दूर नाम दिया गया था।
यह अभियान 22 अप्रैल 2025 को आतंकवादी हमलों के जवाब में शुरू किया गया था। पहले गेम आतंकवादी हमलों में 26 लोग मारे गए थे। लगभग 25 मिनट के भीतर पाकिस्तान में बाढ़पुर, मुरीदके जैसे जैश और विश्विद्यालय के 9 शॉट्स पर हमला करके तोड़फोड़ की गई थी।
सेना प्रमुख जनरल एंग्लो मॉल ने मंगलवार को ही कहा था कि ऑपरेशन सिन्दूर अभी भी जारी है। पाकिस्तान अगर आतंकवादी या घुसपैठिए की कोशिश भी करता है तो भारत जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है।

———————-
ये खबरें भी पढ़ें…
सेना प्रमुख बोले- पाकिस्तान सीमा पर 8 आतंकी कैंप एक्टिविटी:ऑपरेशन सिन्दूर अभी जारी है, किसी को भी दुस्साहस का जवाब देना होगा

सेना प्रमुख जनरल एंग्लो मॉल ने मंगलवार को कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर अभी भी जारी है। भविष्य में किसी भी तरह के साथी या सैन्य दुस्साहस के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं। भारत पूरी ताकत से जवाब। जनरल डिक ने बताया कि सीमा के करीब 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं। यदि कोई क्रिया होती है तो कार्रवाई की जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…
(टैग्सटूट्रांसलेट)जम्मू(टी)पाकिस्तान ड्रोन(टी)एलओसी(टी)सेना(टी)एंटी-ड्रोन सिस्टम(टी)सांबा(टी)रामगढ़ सेक्टर(टी)ड्रोन देखा गया



