मऊ- गुरुवार। गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में कथित धांधली को लेकर विवाद गहरा गया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षक संघ के अध्यक्ष व महामंत्रि के साथ अनेक पदाधिकारी के साथ शिक्षक एक मौन जुलूस निकाली इस जुलूस के माध्यम से प्रत्याशी राजीव यादव के समर्थन में मुख्य चुनाव आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग को जिलाधिकारी मऊ के माध्यम से ज्ञापन भेजकर चुनाव निरस्त कर पुनर्मतदान कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 27 अक्टूबर को गोरखपुर विश्वविद्यालय में हुई मतगणना के दौरान लगभग 2800 विवादित मतपत्रों को राजीव यादव के पक्ष में होने के बावजूद अवैध घोषित किया गया, जबकि भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समान प्रकृति के मतपत्रों को वैध माना गया। शिकायत में बूथ संख्या 115 की मतपेटी में मतपत्र लेखा से 52 अधिक वोट मिलने, बूथ संख्या 111 की पेपर सील टूटी होने तथा बूथ संख्या 86 की मतपेटी में पेपर सील नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है। सबसे गंभीर सवाल चौथे चक्र की मतगणना को लेकर उठाए गए हैं। ज्ञापन के अनुसार पहले तीन चक्रों में राजीव यादव और भाजपा प्रत्याशी के बीच कड़ी टक्कर थी, लेकिन अंतिम चक्र के 1612 मतों में भाजपा प्रत्याशी को 970 (60.17 प्रतिशत), जबकि राजीव यादव को मात्र 128 (7.94 प्रतिशत) मत मिले। मतपत्रों पर ओवरराइटिंग और वरीयता अंक बदलने की आशंका भी जताई गई है। ज्ञापन में सीसीटीवी फुटेज एवं वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने, चौथे चक्र के मतपत्रों की फोरेंसिक जांच कराने तथा स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। आरोपों की पुष्टि होने पर चुनाव निरस्त कर पुनर्मतदान और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच से ही शिक्षकों और आम नागरिकों का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास कायम रह सकेगा।
शिक्षक निर्वाचन की मतगणना में धांधली का आरोप, चुनाव रद्द कर पुनर्मतदान कराने की मांग




