लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा यूपी 112 मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनोद कुमार सिंह के निर्देश पर सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। हाल ही में यूपी 112 का कार्यभार संभालने के बाद डीजीपी द्वारा कर्मचारियों के हित और कल्याण को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया यह पहला बड़ा कदम माना जा रहा है। सम्मेलन में पुलिस महानिरीक्षक डॉ. के. एजिल रसन, पुलिस उपमहानिरीक्षक शहाब रशीद खान, पुलिस अधीक्षक निधि सोनकर सहित मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
सम्मेलन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं और सुझावों को खुलकर पुलिस महानिदेशक के समक्ष रखा। डीजीपी विनोद कुमार सिंह ने सभी समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए व्यक्तिगत मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान कराने तथा सामूहिक हित से जुड़े सुझावों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक कदम उठाने को भी कहा।
अपने संबोधन में डीजीपी ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच खुले संवाद से विश्वास, सौहार्द और कार्य संस्कृति मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि जब कर्मचारी बिना किसी संकोच के अपनी बात रख पाते हैं तो उनका मानसिक तनाव कम होता है और वे अधिक समर्पण एवं उत्साह के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों का कल्याण, उनका मनोबल और अनुशासन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं तथा यूपी 112 परिवार के प्रत्येक सदस्य की भलाई उनकी जिम्मेदारी है।
पुलिस महानिदेशक ने भविष्य में भी इस प्रकार के सैनिक सम्मेलनों का नियमित आयोजन करने के निर्देश दिए, ताकि कर्मचारियों को अपनी समस्याएं रखने का सकारात्मक मंच मिलता रहे और उनका मानसिक एवं पेशेवर मनोबल मजबूत हो। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से पुलिस बल में नई ऊर्जा का संचार होगा, संवादहीनता कम होगी और कर्मचारी दोगुने उत्साह के साथ जनसेवा के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।




