चार बोर्ड और महिला-पुरुष एथलीट कमीशन गठित, अमित पाण्डेय को फिर मिली कार्यकारी महासचिव की जिम्मेदारी
लखनऊ, 7 सितंबर 2026। राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 की भावना के अनुरूप खेल प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही, सुशासन और खिलाड़ियों की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन ने अपने संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। एसोसिएशन ने कोचिंग, तकनीकी, चयन और रेफरी व्यवस्था के लिए अलग-अलग बोर्डों का गठन करने के साथ-साथ खिलाड़ियों की भागीदारी को मजबूत करने के लिए महिला और पुरुष एथलीट कमीशन भी गठित किए हैं।
इन संगठनात्मक बदलावों को लेकर हाल ही में लखनऊ में एसोसिएशन की वार्षिक आमसभा (एजीएम) आयोजित हुई, जिसमें नई व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। एजीएम में एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. सुधीर एम. बोबडे (सेवानिवृत्त आईएएस) और अध्यक्ष अलका दास वर्चुअली जुड़े।
नई व्यवस्था के तहत अमित पाण्डेय को एक बार फिर कार्यकारी महासचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसोसिएशन का कहना है कि उनके संगठनात्मक अनुभव और हैंडबॉल के प्रति सक्रिय योगदान को देखते हुए यह जिम्मेदारी उन्हें दी गई है।
पारदर्शी और जवाबदेह खेल प्रशासन पर जोर
उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन के महासचिव डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय ने एजीएम में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 के लागू होने के बाद खेल संगठनों के लिए अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाना महत्वपूर्ण हो गया है।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए एसोसिएशन ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए विशेषज्ञ बोर्डों का गठन किया है। इसके साथ ही खिलाड़ियों की भागीदारी को मजबूत करने के लिए महिला और पुरुष एथलीट कमीशन बनाए गए हैं।
डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय ने कहा कि हैंडबॉल के विकास के लिए केवल मजबूत संगठनात्मक व्यवस्था ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों की आवाज को भी महत्व देना जरूरी है। एसोसिएशन का प्रयास प्रदेश में कोचिंग, चयन, तकनीकी व्यवस्था और रेफरी सिस्टम को और बेहतर बनाने के साथ खिलाड़ियों को अपनी समस्याएं और सुझाव रखने के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है।
अमित पाण्डेय पर फिर जताया भरोसा
एसोसिएशन ने अमित पाण्डेय को पुनः कार्यकारी महासचिव की जिम्मेदारी देकर उनके संगठनात्मक अनुभव और खेल के प्रति सक्रिय योगदान पर भरोसा जताया है। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले वाराणसी पब्लिक स्कूल के निदेशक अमित पाण्डेय लंबे समय से खेल गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं।
कार्यकारी महासचिव के तौर पर उनकी भूमिका केवल प्रशासनिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगी। उन्हें प्रदेश में हैंडबॉल गतिविधियों को गति देने, विभिन्न बोर्डों के बीच समन्वय स्थापित करने, खिलाड़ियों और खेल संगठन के बीच संवाद को मजबूत करने तथा प्रदेश की प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
भविष्य में प्रदेश महासचिव पद के लिए प्रस्तावित किया जाएगा नाम
एसोसिएशन ने अमित पाण्डेय को लेकर अपनी भविष्य की संगठनात्मक भूमिका भी स्पष्ट की है। महासचिव डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान कार्यकाल पूरा होने के बाद होने वाले आगामी संगठनात्मक गठन में प्रदेश महासचिव पद के लिए अमित पाण्डेय के नाम का प्रस्ताव किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमित पाण्डेय की सक्रियता, संगठन के प्रति प्रतिबद्धता और खिलाड़ियों के साथ उनके निरंतर संवाद को देखते हुए भविष्य में उन्हें और बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने पर विचार किया गया है।
चार विशेषज्ञ बोर्ड और दो एथलीट कमीशन गठित
उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन की नई व्यवस्था में अलग-अलग जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से विभाजित किया गया है। इसके तहत चार प्रमुख बोर्ड गठित किए गए हैं।
कोचिंग बोर्ड के अध्यक्ष मोहम्मद तौहीद और संयोजक मोहम्मद इरफान होंगे। वहीं तकनीकी बोर्ड की जिम्मेदारी अध्यक्ष डॉ. संदीप गुप्ता और संयोजक डॉ. देवेश को दी गई है।
चयन बोर्ड के अध्यक्ष संजय राय और संयोजक डॉ. सुमंत पांडेय होंगे। जबकि रेफरी बोर्ड के अध्यक्ष परमिंदर सिंह और संयोजक शम्स तबरेज शम्पू बनाए गए हैं।
खिलाड़ियों के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए महिला एथलीट कमीशन का भी गठन किया गया है। इसकी अध्यक्ष ज्योति शुक्ला और संयोजक मंजुला पाठक होंगी।
इसी तरह पुरुष एथलीट कमीशन की जिम्मेदारी अध्यक्ष सचिन भारद्वाज और संयोजक मोहित यादव को सौंपी गई है।
खिलाड़ियों की भागीदारी को संगठनात्मक स्तर पर मजबूती
एसोसिएशन के नए संगठनात्मक ढांचे में कोचिंग, तकनीकी व्यवस्था, चयन और रेफरी से जुड़े मामलों को अलग-अलग बोर्डों के माध्यम से संचालित करने का उद्देश्य विशेषज्ञता आधारित व्यवस्था विकसित करना है।
वहीं महिला और पुरुष एथलीट कमीशन के गठन के जरिए खिलाड़ियों की भागीदारी को संगठनात्मक स्तर पर मजबूत करने का प्रयास किया गया है। इन कमीशनों के माध्यम से खिलाड़ियों की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को एसोसिएशन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने के लिए मंच उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
जिला स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक हैंडबॉल को मजबूत करने का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन का लक्ष्य प्रदेश में खेल को जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक मजबूत करना है। नई व्यवस्था के माध्यम से खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, पारदर्शी चयन प्रक्रिया, गुणवत्तापूर्ण तकनीकी सहयोग और आगे बढ़ने के अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
एसोसिएशन के अनुसार, विशेषज्ञ बोर्डों और एथलीट कमीशन के गठन से प्रशासनिक जिम्मेदारियों का बेहतर विभाजन होने के साथ खिलाड़ियों की भागीदारी भी बढ़ेगी। नई संगठनात्मक व्यवस्था का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में हैंडबॉल के लिए अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह और खिलाड़ी-केंद्रित वातावरण तैयार करना है।




