NCF-SE 2023 के अनुरूप मध्य स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, 11 सितंबर तक चलेगा पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम
लखनऊ, 7 सितंबर 2026। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-विद्यालयी शिक्षा (NCF-SE) 2023 के अनुरूप मध्य स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों का क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू हुआ। पांच दिवसीय यह कार्यक्रम 7 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन बीबीएयू, पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (PSSCIVE), राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) और शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में PAC 21.14 के अंतर्गत किया जा रहा है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों से लगभग 100 शिक्षक और कौशल प्रशिक्षक हिस्सा ले रहे हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मध्य स्तर पर व्यावसायिक एवं कौशल शिक्षा को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए शिक्षकों की क्षमताओं को मजबूत करना है।

अनुभवात्मक और कौशल आधारित शिक्षा पर जोर
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय अनुभवात्मक, कौशल-आधारित और कार्य-केंद्रित अधिगम के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि श्री विष्णु कांत पांडेय, अपर राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा ने NCF-SE 2023 के अनुरूप विद्यार्थियों को प्रासंगिक और उपयोगी कौशल से सुसज्जित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने और विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के महत्व पर जोर दिया।
विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों ने रखे विचार
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री योगेश कुमार, उप महाप्रबंधक, एचसीएल फाउंडेशन मौजूद रहे। उन्होंने कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच प्रभावी सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
बीबीएयू के इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के अध्यक्ष प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा के सफल क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों का प्रभावी क्षमता निर्माण महत्वपूर्ण है।
वहीं प्रो. दीपक पालिवाल, संयुक्त निदेशक, PSSCIVE, NCERT ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और NCF-SE 2023 की परिकल्पना को प्रभावी, सार्थक एवं अनुभवात्मक अधिगम की प्रक्रियाओं में बदलने में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कौशल आधारित बैगलेस दिवस और करियर मार्गदर्शन पर प्रशिक्षण
कार्यक्रम की समन्वयक प्रो. शैलजा दीक्षित ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक अधिगम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में कौशल-आधारित बैगलेस दिवस, कौशल बोध और My Career Advisor App जैसे विषयों के माध्यम से शिक्षकों की क्षमता को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल विकसित करने के साथ उन्हें अपने भविष्य और करियर से जुड़े विकल्पों को समझने तथा सूचित निर्णय लेने में सक्षम बनाने पर जोर रहेगा।
75 जिलों से पहुंचे शिक्षक और कौशल प्रशिक्षक
इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों से करीब 100 शिक्षक एवं कौशल प्रशिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावसायिक एवं कौशल शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रो. पंकज मेहता, प्रोफेसर, PSSCIVE ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कौशल एवं व्यावसायिक शिक्षा की उपयोगिता तथा वर्तमान समय में इसके बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।
दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ उद्घाटन
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना, विश्वविद्यालय कुलगीत तथा राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुआ।
उद्घाटन सत्र के समापन पर डॉ. अर्पित शैलेश, समन्वयक, बीबीएयू ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके पश्चात राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से आए शिक्षक, बीबीएयू के विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष एवं गैर-शिक्षण अधिकारी मौजूद रहे।
व्यावसायिक शिक्षा को स्कूल स्तर पर मजबूत करने की पहल
यह क्षमता निर्माण कार्यक्रम NEP 2020 और NCF-SE 2023 के अनुरूप विद्यार्थियों को कौशल आधारित एवं कार्य-केंद्रित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के जरिए शिक्षकों को ऐसी शिक्षण प्रक्रियाओं से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिनके माध्यम से विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल, कार्य अनुभव और भविष्य के करियर विकल्पों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्राप्त ज्ञान और अनुभवों को शिक्षक अपने-अपने संस्थानों में लागू कर सकेंगे, जिससे मध्य स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलने की उम्मीद है।




