पानी की टंकियों, सीवर लाइन और जल निकासी के लंबित कार्यों पर निवासियों ने उठाए सवाल; समयबद्ध कार्रवाई की मांग
लखनऊ, 8 सितंबर 2026। गार्डन सिटी में सीवर ओवरफ्लो, जलभराव, पानी की टंकियों की खराब स्थिति और जल निकासी की समस्या को लेकर निवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। निवासियों ने DLF को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया है कि पूर्व में निरीक्षण और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिए जाने के बावजूद कई महत्वपूर्ण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुए हैं।
निवासियों के अनुसार, पिछली बैठक में DLF से जुड़े अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों ने गार्डन सिटी की पानी की टंकियों का निरीक्षण किया था। इस दौरान जहां-जहां सीवर का पानी ऊपर बह रहा था, वहां आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद पानी की टंकियों और सीवर लाइन से संबंधित कार्य लंबित हैं।

बारिश में घरों तक पहुंच रहा सीवर का पानी
निवासियों का कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति और गंभीर हो जाती है। कई स्थानों पर बरसात एवं सीवर का पानी घरों के आसपास और प्रवेश मार्गों तक पहुंच जाता है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी के साथ-साथ गंदगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
जल निकासी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए LT-01 के सामने पार्क में 7.5 HP की दो ऑटो-कट मोटरों का पिट सहित निर्माण कराने की बात भी सामने आई थी। निवासियों का आरोप है कि इस कार्य को भी अभी तक शुरू नहीं किया गया है।
RWA की भूमिका पर भी उठे सवाल
निवासियों ने पत्र में यह सवाल भी उठाया है कि गार्डन सिटी में संबंधित RWA पदाधिकारी पूर्व में DLF के ही कर्मचारी रहे हैं। ऐसे में यदि रखरखाव और मरम्मत से जुड़े कार्य RWA अथवा कार्य समिति के फंड से कराए जाने थे, तो इन कार्यों को समय रहते पूरा क्यों नहीं कराया गया।
निवासियों ने कहा कि समस्याओं के लगातार लंबित रहने से स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। विशेष रूप से सीवर ओवरफ्लो, जलभराव, विद्युत व्यवस्था और फायर सेफ्टी से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
भवनों की गुणवत्ता पर भी मांगी गई जानकारी
सीवर और जलभराव के अलावा निवासियों ने गार्डन सिटी में निर्मित भवनों की गुणवत्ता को लेकर भी DLF से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। उन्होंने जानना चाहा है कि क्या भवनों की गुणवत्ता का कभी विस्तृत तकनीकी निरीक्षण एवं मूल्यांकन कराया गया है। यदि ऐसा निरीक्षण हुआ है तो उसकी रिपोर्ट और निष्कर्ष निवासियों के साथ साझा करने की मांग की गई है।
इसके साथ ही भवन निर्माण के दौरान निर्धारित Quality Standards, Technical Specifications और Material Specifications की जानकारी भी मांगी गई है।

बिल्डर-कॉन्ट्रैक्टर के समझौते की प्रासंगिक शर्तें साझा करने की मांग
निवासियों ने DLF और संबंधित भवन निर्माणकर्ता/बिल्डर के बीच हुए Agreement या Contract की उन प्रासंगिक शर्तों की जानकारी भी मांगी है, जिनमें निर्माण की गुणवत्ता, निर्माण संबंधी कमियों, मरम्मत और Defect Liability से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
निवासियों ने कहा है कि इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण संबंधी कमियों और आवश्यक मरम्मत की जिम्मेदारी किसकी है तथा संबंधित कार्यों के लिए कौन जिम्मेदार है।
Asset List में दर्ज कमियों पर भी कार्रवाई की मांग
निवासियों ने पिछले मेल में DLF द्वारा उपलब्ध कराई गई Asset List के निरीक्षण के बाद तैयार की गई कमियों की आकलन सूची का भी हवाला दिया है। उन्होंने DLF से मांग की है कि सूची में दर्ज प्रत्येक कमी पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाए और की गई कार्रवाई की जानकारी निवासियों को लिखित रूप में दी जाए।
निवासियों का कहना है कि DLF एक प्रतिष्ठित ब्रांड है और उससे अपेक्षा है कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत रह रहे लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए लंबित कार्यों का शीघ्र समाधान कराएगा।
समयबद्ध कार्ययोजना की मांग
निवासियों ने DLF से सभी लंबित कार्यों के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने और प्रत्येक कार्य की वर्तमान स्थिति, जिम्मेदार एजेंसी तथा अपेक्षित पूर्णता तिथि लिखित रूप में उपलब्ध कराने की मांग की है।
साथ ही, पत्र में कहा गया है कि यदि गंभीर समस्याओं के बावजूद समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की जाती और इस दौरान कोई दुर्घटना, जनहानि, स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या अथवा संपत्ति का नुकसान होता है, तो संबंधित पूर्व RWA पदाधिकारियों और DLF के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
फिलहाल गार्डन सिटी के निवासी सीवर, जलभराव और रखरखाव से जुड़ी समस्याओं के जल्द समाधान और DLF की ओर से स्पष्ट जवाब का इंतजार कर रहे हैं।





