लखनऊ-सीतापुर रेलखंड पर पूर्वोत्तर रेलवे का सघन संरक्षा निरीक्षण, अधिकारियों ने परखा सुरक्षा तंत्र

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लखनऊ, 21 मई 2026। पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा सुरक्षित एवं संरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष संरक्षा अभियानों के अंतर्गत आज लखनऊ मंडल में दो दिवसीय संरक्षा निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस निरीक्षण का नेतृत्व पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी नीरज गुप्ता ने किया। उनके निर्देशन में मुख्यालय गोरखपुर से आई संरक्षा टीम में मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक आशीष भाटिया, मुख्य विद्युत वितरण इंजीनियर सुरेश कुमार तथा मुख्य संचार इंजीनियर विराट गुप्ता शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान लखनऊ मंडल की अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन नीतू, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी डॉ. शिल्पी कनौजिया, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (सामान्य) जे.एन. गुप्ता, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर द्वितीय अश्विनी कुमार तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

संरक्षा निरीक्षण की शुरुआत लखनऊ जंक्शन से सिधौली रेलखंड के मध्य स्थित कर्व संख्या-20 तथा नॉन-इंटरलॉक इंजीनियरिंग समपार फाटक संख्या 41सी के निरीक्षण से हुई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ट्रैक की स्थिति, दृश्यता, सिग्नलिंग व्यवस्था तथा संरक्षा मानकों का गहन परीक्षण किया। इसके पश्चात संरक्षा टीम सिधौली रेलवे स्टेशन पहुँची, जहाँ स्टेशन अधीक्षक कार्यालय, पैनल रूम, रिले रूम तथा स्टेशन परिसर की विभिन्न तकनीकी व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने रेल कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, दक्षता तथा आपातकालीन परिस्थितियों में कार्य निष्पादन की क्षमता का परीक्षण करते हुए व्यापक स्तर पर संरक्षा काउंसिलिंग भी की।

निरीक्षण के दौरान सिधौली स्टेशन यार्ड में पॉइंट एवं क्रॉसिंग की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया गया तथा रेल परिचालन में उपयोग होने वाले उपकरणों की कार्यक्षमता परखी गई। इसके बाद संरक्षा टीम ने सिधौली-खैराबाद खंड के मध्य स्थित इंटरलॉक यातायात समपार संख्या-51 का निरीक्षण किया। यहाँ उपलब्ध संरक्षा उपकरणों, बूम लॉकिंग सिस्टम, प्राइवेट नंबर स्थानांतरण रजिस्टर, सेफ्टी चेन, पटाखा संकेत एवं हैंड टॉर्च की जांच की गई। टीम ने कार्यरत गेटमैन से फाटक टूटने अथवा तकनीकी विफलता की स्थिति में अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं की जानकारी भी प्राप्त की। इसी क्रम में ब्रिज संख्या-84 का भी गहन तकनीकी निरीक्षण किया गया।

अगले चरण में प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी श्री नीरज गुप्ता एवं उनकी टीम ने खैराबाद स्टेशन का निरीक्षण किया, जहाँ पॉइंट एवं क्रॉसिंग, एलडब्ल्यूआर (लॉन्ग वेल्डेड रेल) तथा ट्रैक संरचना की गहन जांच की गई। इस दौरान टीएसएस/खैराबाद का निरीक्षण करते हुए विद्युत आपूर्ति एवं ट्रैक्शन प्रणाली की स्थिति का भी आकलन किया गया। निरीक्षण के अंतिम चरण में संरक्षा टीम सीतापुर स्टेशन पहुँची, जहाँ आरआरआई पैनल, स्टेशन अधीक्षक कार्यालय, स्टेशन वर्किंग रूल, पैनल रूम, रिले रूम, पॉइंट एवं क्रॉसिंग तथा फुट ओवर ब्रिज का विस्तृत निरीक्षण किया गया।

इस व्यापक निरीक्षण अभियान के दौरान अधिकारियों ने रेलवे कर्मचारियों को संरक्षा नियमों के कठोर अनुपालन, सतर्कता एवं तकनीकी दक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए। पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा किए जा रहे ऐसे नियमित निरीक्षणों का उद्देश्य रेल यात्रियों को सुरक्षित, संरक्षित एवं सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर/टीआरडी गोरखपुर, मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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