लखनऊ में खेत बचाओ अभियान एवं किसान चौपाल का आयोजन, केंद्रीय कृषि मंत्री ने प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण पर दिया जोर; 2500 किसानों ने लिया हिस्सा
लखनऊ, 3 नवंबर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में मंगलवार को खेत बचाओ अभियान एवं किसान चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में लखनऊ सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से करीब 2500 किसानों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों से गन्ने की खेती के साथ गेहूं, आलू और तिलहन जैसी अन्य फसलों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण के जरिए किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने देश में खाद्यान्न उत्पादन और कृषि क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए किसानों से मिट्टी की उर्वराशक्ति बनाए रखने पर भी जोर दिया।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण और मिट्टी के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने जीवामृत और बीजामृत जैसी प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जरूरत से ज्यादा रासायनिक खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल मिट्टी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। किसानों को मिट्टी की जांच के आधार पर ही उर्वरकों का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने मिट्टी में केंचुओं की घटती संख्या पर भी चिंता जताई।

किसान चौपाल के दौरान केंद्रीय मंत्री ने संस्थान के प्रयोग प्रक्षेत्र में किसानों से सीधे संवाद किया और उनकी खेती से जुड़ी समस्याओं एवं अनुभवों को जाना। किसान हेमंत निराला, प्रदीप द्विवेदी, शिवम मिश्रा, सुरेंद्र नाथ वर्मा और सरिता देवी सहित अन्य किसानों ने अपने कृषि अनुभव साझा किए। चौपाल में करीब 200 किसानों ने भाग लिया।
इस अवसर पर गन्ने की उन्नत उत्पादन तकनीकों का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे 400 से अधिक किसानों ने देखा। लखनऊ के किसान शिव कुमार ने खेती में ड्रोन के इस्तेमाल से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।

संस्थान के निदेशक डॉ. एस.एन. सुशील ने किसानों को गन्ने की उन्नत किस्मों, आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत उत्पादन तकनीकों और अंतःफसली खेती अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के माध्यम से गन्ने का उत्पादन और किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है।
कार्यक्रम में लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, झांसी, बाराबंकी, कानपुर देहात, रायबरेली, उन्नाव और लखीमपुर खीरी समेत विभिन्न जनपदों के लगभग 2500 किसानों ने सहभागिता की। इस दौरान अनुसूचित जाति वर्ग के 200 किसानों को संस्थान के निदेशक की ओर से गेहूं और सरसों के बीज वितरित किए गए।

कार्यक्रम परिसर में ICAR के लखनऊ स्थित संस्थानों, जनपद के किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और गैर-सरकारी संस्थाओं की ओर से 25 प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और अधिकारियों ने इन स्टॉलों का निरीक्षण किया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के संयुक्त सचिव कृषि भुकतानंद अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन संस्थान की मुख्य तकनीकी अधिकारी श्रीमती अनीता सावनानी ने किया।




