मऊ- पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. कल्पनाथ राय की राजनीतिक विरासत को लेकर मऊ की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। 8 अगस्त को सरायसादी में आयोजित उनकी पुण्यतिथि कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद अब 13 अगस्त को भीटी स्थित एक प्लाजा में हुई भाजपा नेत्री एवं कल्पनाथ राय की बहू सीता राय की प्रेस वार्ता तक पहुंच गया। सीता राय ने नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा पर सार्वजनिक मंच से परिवार की निजी बातों को उठाकर अपमानित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सम्मान के सवाल पर वह पीछे हटने वाली नहीं हैं। सरायसादी में आयोजित पुण्यतिथि कार्यक्रम के दौरान कल्पनाथ राय के नाम पर पांच मेगावाट के सौर ऊर्जा प्लांट का शिलान्यास किया गया था। कार्यक्रम में कल्पनाथ राय के योगदान और उनकी राजनीतिक विरासत की चर्चा के बीच सीता राय भावुक हो गईं। उन्होंने परिवार और कल्पनाथ राय से जुड़े कई प्रसंगों का उल्लेख किया। इसी दौरान मंच पर मौजूद सिद्धार्थ राय द्वारा कुछ देर दोनों कानों में उंगलियां डालने की घटना भी चर्चा में रही, हालांकि उन्होंने ऐसा क्यों किया, यह स्पष्ट नहीं हो सका। कार्यक्रम में मंत्री ए.के. शर्मा ने सिद्धार्थ राय की राजनीतिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा था कि यदि वह चुनाव लड़ते हैं तो वह उनके लिए कार्यकर्ता की तरह काम करेंगे। इसी बीच सीता राय मंच से उठकर चली गई थीं। बाद में उन्होंने कहा था कि जहां सम्मान नहीं मिलता, वहां रहने का कोई मतलब नहीं है। प्रेस वार्ता में सीता राय ने आरोप लगाया कि परिवार की निजी बातों को सार्वजनिक मंच पर उठाना उचित नहीं है। उन्होंने परिवार को आपस में बांटने और कल्पनाथ राय की राजनीतिक विरासत को कमजोर करने की कोशिश का भी आरोप लगाया। हालांकि, ये सभी आरोप सीता राय के हैं और मंत्री ए.के. शर्मा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मऊ में मंत्री के लिए इस्तेमाल किए जा रहे ‘विकास पुरुष’ जैसे विशेषणों पर सवाल उठाते हुए सीता राय ने तंज किया, “कल्पनाथ होना और कल्पनाथ कहने में बहुत बड़ा फर्क है।” उन्होंने अपने करीब सत्ताईस वर्ष के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि वे कभी टिकट की मांग नहीं की। प्रेस वार्ता के दौरान भावुक हुईं सीता राय ने कहा कि कल्पनाथ राय की विरासत उनके लिए सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि भावनाओं और सम्मान का विषय है। सीता राय ने कल्पनाथ राय की प्रतिमा को लेकर भी आपत्ति जताई, उनका कहना था कि मौजूदा प्रतिमा में कल्पनाथ राय के वास्तविक व्यक्तित्व और उनकी पहचान की पर्याप्त झलक नहीं मिलती। इस दौरान उन्होंने कल्पनाथ राय की विशाल प्रतिमा स्थापित कराने की घोषणा करते हुए कहा कि इसके लिए मऊ की जनता से एक-एक रुपये का सहयोग लिया जाएगा। उनका कहना है कि प्रतिमा के माध्यम से कल्पनाथ राय के संघर्ष और मऊ के विकास में उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा।
कल्पनाथ राय की विरासत पर फिर गरमाई मऊ की सियासत, सीता राय ने मंत्री ए.के. शर्मा पर साधा निशाना, बोलीं— “सम्मान से समझौता नहीं” जनता के सहयोग से बनेगी विशाल प्रतिमा




