लखनऊ, 04 जून 2026। आयुक्त, आगरा मंडल के माननीय न्यायालय ने वाद संख्या 3604/2025 में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए तथाकथित “उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएट्स” द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया है। न्यायालय द्वारा 25 मई 2026 को पारित आदेश में स्पष्ट किया गया कि “उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन” नाम से पूर्व से ही एक वैधानिक एवं विधिवत पंजीकृत संस्था अस्तित्व में है, ऐसे में समान नाम और उद्देश्यों के साथ किसी अन्य संस्था का पंजीकरण विधि सम्मत नहीं माना जा सकता।
माननीय न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि पूर्व से स्थापित संस्था के नाम से मिलते-जुलते नाम का उपयोग कर पंजीकरण प्राप्त करना उचित नहीं था तथा संबंधित पंजीकरण को निरस्त करने का आदेश पूरी तरह विधिसम्मत है। इस निर्णय को उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (कम्पनी) की वैधानिक स्थिति एवं अधिकारों की पुनः पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है।
संस्था की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह फैसला उन भ्रामक और तथ्यहीन आरोपों को भी खारिज करता है, जो लंबे समय से संस्था और उसके पदाधिकारियों के विरुद्ध लगाए जाते रहे हैं। विशेष रूप से जी.डी. शर्मा द्वारा किए जा रहे कथित दुष्प्रचार और भ्रम फैलाने के प्रयासों को इस आदेश से बड़ा झटका लगा है। न्यायालय के आदेश ने विधिक स्थिति को स्पष्ट करते हुए तथ्यों को सामने रखा है।
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने कहा है कि वह पारदर्शिता, विधिक प्रक्रिया और क्रिकेट प्रशासन की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रदेश में क्रिकेट के विकास, खिलाड़ियों के हितों की सुरक्षा और खेल संरचना को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
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