लखनऊ। राजधानी की सेनानी सहकारी आवास समिति लि., लखनऊ पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक पीड़ित ने प्रशासन और पुलिस पर भी lलापरवाही तथा पक्षपात का आरोप लगाया है। पीड़ित के अनुसार वर्ष 1998 में समिति द्वारा 2400 वर्ग फीट का भूखंड आवंटित किया गया था, लेकिन आज तक उसे अपने ही प्लॉट पर निर्माण करने नहीं दिया जा रहा है।
पीड़ित का आरोप है कि समिति के अध्यक्ष और कुछ कर्मचारियों द्वारा स्थानीय दबंगों को मिलाकर उसके निर्माण कार्य को जबरन रोक दिया गया है। इतना ही नहीं, उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित का कहना है कि वह कई बार शिकायतें कर चुका है, लेकिन उसकी कहीं भी सुनवाई नहीं हुई।
पीड़ित ने भावुक होते हुए कहा कि,
“अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं अपने ही प्लॉट पर आत्मदाह करने को मजबूर हो जाऊंगा।”
उसने इसकी जिम्मेदारी थाना PGI, साउथ सिटी चौकी प्रभारी धीरेंद्र कुमार और सेनानी सहकारी आवास समिति पर डालते हुए कहा कि यही लोग उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार समिति द्वारा इस तरह की परेशानियाँ अन्य सदस्यों को भी दी जाती रही हैं। आरोप है कि समिति के अध्यक्ष और संबंधित कर्मचारी कई पीड़ितों से भारी-भरकम रकम वसूलते हैं और फिर उन्हें प्लॉट पर कब्जा दिलाने का आश्वासन देते हैं। इसके पीछे एक पूर्व डीएम का सहयोग होने की भी बात सामने आ रही है।
सूत्र यह भी बताते हैं कि समिति ने पूर्व डीएम को 54 नंबर का प्लॉट आवंटित किया था, जिसकी रजिस्ट्री भी कर दी गई। लेकिन अब समिति द्वारा कथित रूप से पूर्व डीएम पर 59 नंबर प्लॉट पर कब्जा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसके बदले पूर्व डीएम भी पुलिस पर दबाव बनाकर मामले को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस पूरे मामले ने आवास समिति के कार्यों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ितों का कहना है कि जब तक उच्च स्तर से जांच नहीं होगी, तब तक न्याय मिलना मुश्किल है। स्थानीय निवासियों ने शासन से तत्काल संज्ञान लेने और पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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