लखनऊ। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) राजधानी में मेट्रो नेटवर्क विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। लगभग 5801 करोड़ रुपये की लागत से चारबाग से बसंतकुंज तक ईस्ट–वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। कुल 11.165 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 12 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं।
यूपीएमआरसी के अनुसार कॉरिडोर का 4.6 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा। एलिवेटेड सेक्शन में ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और बसंतकुंज स्टेशन शामिल हैं। वहीं चारबाग, गौतम बुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा और चौक पर भूमिगत स्टेशन बनाए जाएंगे।
परियोजना के लिए अलग–अलग टेंडर जारी किए जाएंगे। एलिवेटेड स्टेशनों और बसंतकुंज स्टेशन को डिपो से जोड़ने के लिए 740 मीटर लंबे रैंप के निर्माण का 492 करोड़ रुपये का टेंडर 2 जनवरी को जारी किया जा चुका है। फरवरी में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित कंपनी मई से पिलर खोदाई सहित सिविल कार्य शुरू कर देगी।
सात भूमिगत स्टेशनों और मेट्रो रैक के मेन्टेनेंस से जुड़े डिपो के लिए टेंडर भी अगले एक सप्ताह में जारी किए जाएंगे। इन दोनों प्रोजेक्टों पर कार्य जून से शुरू हो जाएगा। डिपो में ही मेट्रो का कंट्रोल रूम और रैक पार्किंग यार्ड भी बनाया जाएगा।
यूपीएमआरसी ने परियोजना के लिए डिटेल्ड डिजाइन कंसल्टेंट (डीडीसी) का चयन कर लिया है, जो एलिवेटेड एवं भूमिगत स्टेशनों के डिजाइन, कमर्शियल स्पेस और यात्री सुविधाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा। एलिवेटेड सेक्शन का निर्माण कार्य मई में और भूमिगत का जून में आरंभ किया जाएगा। पूरी परियोजना को 30 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रारंभिक चरण में 16 मेट्रो सेट रखने की क्षमता वाला डिपो बनाया जाएगा। सामान्य रूप से चारबाग से बसंतकुंज तक तीन कोच वाली ब्लू लाइन की 12 मेट्रो सेट संचालित की जाएंगी, जिससे यात्रियों को हर पांच मिनट में मेट्रो सेवा उपलब्ध हो सकेगी।

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