पुलिस विभाग में अनुशासन जरूरी है, लेकिन क्या सिपाही अपनी शिकायत बिना डर के ऊपर तक पहुंचा सकता है? ‘वर्दी के नीचे की आवाज़’ में इसी सवाल के जरिए अधिकारी की कुर्सी और सिपाही की चुप्पी के बीच की हकीकत को समझने की कोशिश।