मऊ जिले में मनरेगा (विकसित भारत–गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन) के कार्यों की निगरानी कर्मचारियों की भारी कमी से प्रभावित हो रही है। एक ग्राम सचिव के जिम्मे 7 से 13 और एक जूनियर इंजीनियर के जिम्मे 12 से 19 ग्राम पंचायतों का कार्यभार होने से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और नियमित निरीक्षण पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रिक्त पदों के कारण विकास कार्यों की निगरानी कमजोर हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सचिवों और जूनियर इंजीनियरों की जल्द नियुक्ति से पारदर्शिता बढ़ेगी, गुणवत्ता सुधरेगी और ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
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जिला पंचायत की कमान फिर मनोज राय के हाथों में प्रशासक नियुक्ति के प्रथम आगमन पर हुआ भव्य स्वागत
उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश के बाद मऊ में जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय को पुनः जिला पंचायत प्रशासक नियुक्त किया गया। प्रथम बार जिला पंचायत कार्यालय पहुंचने पर अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने उनका भव्य स्वागत किया। मनोज राय ने पारदर्शिता और समर्पण के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए जिले के विकास कार्यों को गति देने का संकल्प व्यक्त किया।
असम विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने शुरू किया आउटरीच कार्यक्रम| भारत समाचार
असम में विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को राज्यव्यापी आउटरीच कार्यक्रम जन आशीर्वाद यात्रा शुरू की। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा […]
केंद्रीय बजट उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को बढ़ावा देगा: पंकज चौधरी
केंद्रीय बजट को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप एक “दूरदर्शी दस्तावेज़” बताते हुए, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री […]
