सॉफ्टवेयर इंजीनियर से एशियन पैरा गेम्स की पदक विजेता बनीं प्राची पांडेय, टेबल टेनिस में रचा इतिहास

IMG 20261020 WA0417
Spread the love

उत्तर प्रदेश की प्राची ने महिला एकल क्लास-6 में जीता कांस्य पदक, इस स्पर्धा में भारत को पहली बार मिली सफलता

गांधीनगर, 20 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश की पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी प्राची पांडेय ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता में प्राची ने महिला एकल क्लास-6 स्पर्धा में यह उपलब्धि हासिल की। इस स्पर्धा में भारत को पहली बार पदक मिला है। खास बात यह है कि प्राची ने अपने पहले ही एशियन पैरा गेम्स में यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की।

 

खेलो इंडिया कार्यक्रम से जुड़ीं 33 वर्षीय प्राची भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के गांधीनगर स्थित नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCoE) में प्रशिक्षण लेती हैं। विश्व रैंकिंग में 17वें स्थान पर काबिज प्राची की यह उपलब्धि भारतीय पैरा टेबल टेनिस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 

सेमीफाइनल तक पहुंचीं प्राची, विश्व की पांचवें नंबर की खिलाड़ी से हुआ मुकाबला

 

प्राची ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में जगह बनाई। यहां उनका मुकाबला इराक की नजला अल-दय्येनी से हुआ, जो विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान पर हैं और मौजूदा पैरालंपिक एवं एशियन पैरा गेम्स चैंपियन हैं। हालांकि, प्राची फाइनल में जगह नहीं बना सकीं, लेकिन कांस्य पदक जीतकर उन्होंने देश को गौरवान्वित किया।

 

पहली बार इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हुए पदक जीतना उनकी मेहनत, निरंतर अभ्यास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाता है।

 

सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी छोड़ खेल को बनाया करियर

 

प्राची पांडेय की सफलता की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उत्तर प्रदेश की रहने वाली प्राची ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से एमटेक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2020 से 2023 तक फुल-स्टैक सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में काम किया।

 

हालांकि, टेबल टेनिस के प्रति उनका जुनून उन्हें खेल की दुनिया में ले आया। उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी छोड़कर पैरा टेबल टेनिस को अपना पूर्णकालिक करियर बनाने का निर्णय लिया।

 

प्रगतिशील न्यूरोलॉजिकल बीमारी से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अभ्यास और अनुशासन के जरिए अपनी प्रतिभा को निखारा। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलता के बाद अब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान स्थापित कर ली है।

 

राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी जीते कई स्वर्ण पदक

 

प्राची ने राष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने वर्ष 2022 और 2023 की राष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा, वर्ष 2023 के पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।

 

वर्ष 2025 के खेलो इंडिया पैरा गेम्स में उन्होंने एक बार फिर स्वर्ण पदक जीतकर अपनी निरंतरता साबित की। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इन सफलताओं ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।

 

अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 12 पदक अपने नाम किए

 

प्राची का अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा है। वर्ष 2023 में ब्राजील पैरा ओपन में पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने के बाद वह अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिताओं में कुल 12 पदक हासिल कर चुकी हैं। इनमें चार रजत और आठ कांस्य पदक शामिल हैं।

 

वर्ष 2026 में उन्होंने ITTF वर्ल्ड पैरा फ्यूचर गोल्ड कोस्ट में रजत पदक जीता। इसके अलावा, ITTF वर्ल्ड पैरा फ्यूचर नाखोन रत्चासिमा 2026, ITTF वर्ल्ड पैरा चैलेंजर काऊशुंग 2025 और ITTF वर्ल्ड पैरा फ्यूचर कोस्टा ब्रावा 2025 में कांस्य पदक हासिल किए।

 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने का फायदा उन्हें एशियन पैरा गेम्स में भी मिला।

 

खेलो इंडिया और SAI के प्रशिक्षण से मिली मजबूती

 

प्राची की सफलता में खेलो इंडिया कार्यक्रम और SAI के गांधीनगर स्थित नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वह जून 2023 से इस केंद्र में प्रशिक्षण ले रही हैं। यहां उन्हें आधुनिक खेल सुविधाएं, उच्च स्तरीय कोचिंग और खेल विज्ञान विशेषज्ञों का सहयोग मिलता है।

 

प्राची प्रतिदिन तीन प्रशिक्षण सत्रों में हिस्सा लेती हैं। उनके प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्ट्रेंथ एवं कंडीशनिंग, फिजियोथेरेपी, मानसिक मजबूती, पुनर्वास और रिकवरी पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

 

एशियन पैरा गेम्स 2026 की तैयारी के दौरान प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं के वार्षिक कैलेंडर (ACTC) के तहत उन्हें लगभग 26.86 लाख रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के अवसरों ने उनके अनुभव और खेल कौशल को बेहतर बनाने में मदद की।

 

प्राची बोलीं—पहले ही एशियन पैरा गेम्स में पदक जीतना सपने के सच होने जैसा

 

अपनी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए प्राची पांडेय ने कहा, “अपने पहले एशियन पैरा गेम्स में भारत के लिए पदक जीतना मेरे सपने के सच होने जैसा है। यह मेरे लिए बेहद गर्व का क्षण है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करने से लेकर एशियन पैरा गेम्स के पदक मंच तक पहुंचने का मेरा सफर चुनौतियों, त्याग और दृढ़ संकल्प से भरा रहा है।”

 

उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण, खेलो इंडिया कार्यक्रम और SAI NCoE गांधीनगर का आभार जताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेलने के अवसर और विशेषज्ञों के सहयोग ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया। उन्होंने अपने कोच, खेल विज्ञान विशेषज्ञों और सहयोग करने वाले सभी लोगों को भी धन्यवाद दिया।

 

प्राची ने कहा कि यह पदक सामूहिक प्रयासों का परिणाम है और इससे उन्हें भविष्य में देश के लिए और अधिक पदक जीतने की प्रेरणा मिली है।

 

भारतीय पैरा खेलों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि

 

प्राची पांडेय का ऐतिहासिक कांस्य पदक भारतीय पैरा टेबल टेनिस में बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है। उनकी सफलता यह भी बताती है कि उचित प्रशिक्षण, संसाधनों और निरंतर मेहनत के सहारे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

 

सॉफ्टवेयर इंजीनियर से एशियन पैरा गेम्स की पदक विजेता बनने तक प्राची का सफर उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो चुनौतियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। महिला एकल क्लास-6 में भारत को पहला पदक दिलाकर उन्होंने देश के खेल इतिहास में एक नई उपलब्धि दर्ज की है।

 

मुख्य तथ्य

 

– खिलाड़ी: प्राची पांडेय

– खेल: पैरा टेबल टेनिस

– स्पर्धा: महिला एकल क्लास-6

– प्रतियोगिता: एशियन पैरा गेम्स 2026

– उपलब्धि: कांस्य पदक

– प्रशिक्षण केंद्र: SAI NCoE, गांधीनगर

– वित्तीय सहायता: लगभग 26.86 लाख रुपये

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *