नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में कई अहम बदलावों की घोषणा की है। नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुसार, स्कूलों और विश्वविद्यालयों में डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को आधुनिक रोजगार योग्य क्षमताओं से लैस करना है।
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस वर्ष सभी राज्य बोर्ड और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में डिजिटल पाठ्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। साथ ही, STEM (Science, Technology, Engineering, Mathematics) विषयों पर विशेष ध्यान देने के लिए नई पाठ्यक्रम योजनाएं बनाई जा रही हैं। इसके अलावा, विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कौशल प्रशिक्षण पोर्टल और ई-लर्निंग मॉड्यूल उपलब्ध कराए जाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस नीति से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि छात्रों के व्यावसायिक कौशल में भी वृद्धि होगी। इसके साथ ही, ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों को भी डिजिटल शिक्षा का समान लाभ मिलेगा।
शिक्षा जगत के अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे ताकि शिक्षक डिजिटल टूल्स और नई तकनीकों के उपयोग में सक्षम हों। इससे शिक्षा में नवाचार और तकनीकी सुधार की दिशा में भी तेजी आएगी।
नई शिक्षा नीति का यह चरण भारत को वैश्विक शिक्षा मानकों के करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



