मऊ। त्योहारों का मौसम नजदीक है और गांव-गली से लेकर बाजार तक रौनक बढ़ने वाली है। ऐसे में कहीं छोटी चिंगारी बड़ी आग न बन जाए, इसे लेकर मऊ पुलिस ने अभी से कमर कस ली है। बुधवार रात पुलिस लाइन के सभागार में एसपी कमलेश बहादुर की अध्यक्षता में कानून-व्यवस्था और अपराध समीक्षा गोष्ठी हुई। बैठक में एसपी ने थानेदारों से साफ कहा कि छोटी घटना को भी हल्के में न लें और बड़ी घटना होने का इंतजार बिल्कुल न करें। गंभीर वारदात की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर निरीक्षण और अधिकारियों को तत्काल जानकारी देने के निर्देश दिए गए। जनता की शिकायतों पर भी खास जोर रहा। एसपी ने कहा कि आईजीआरएस और जनशिकायतों को फाइलों में दबाकर न रखें, बल्कि मौके पर जाकर समस्या समझें और समय से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। थाना दिवस और तहसील दिवस की शिकायतों का निस्तारण पांच दिन के भीतर करने को भी कहा गया। अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पैदल गश्त, पिकेट और बीट व्यवस्था मजबूत करने, लूट के पुराने आरोपियों का सत्यापन कराने तथा जरूरत के मुताबिक निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। गोवध, अवैध शराब और संगठित अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ गैंगस्टर समेत कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया। जमीन के विवादों में पुलिस को राजस्व विभाग के साथ मिलकर मौके पर जाकर समाधान कराने, महिला अपराधों में प्रभावी कार्रवाई करने और त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त गश्त व पिकेट लगाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सोशल मीडिया को लेकर भी पुलिस को चौकन्ना रहने को कहा गया। अफवाह उड़ने से पहले नजर और अफवाह फैलते ही खंडन—इस पर विशेष जोर दिया गया। सभी थानों को पीस कमेटी की बैठक कर लोगों को जरूरी दिशा-निर्देश देने के लिए भी कहा गया। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार, सभी क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे।
त्योहार सिर पर, पुलिस भी मुस्तैद—मऊ में एसपी ने कसी अफसरों की लगाम




