
पुलिस ने बुधवार को बताया कि झारखंड के खूंटी जिले में एक 25 वर्षीय महिला और उसके रिश्तेदार को उसके पांच वर्षीय बेटे को अपने पैतृक घर ले जाने पर उसके अलग हो रहे पति और उसके दोस्तों ने कथित तौर पर पीट-पीटकर मार डाला।
पीड़ितों की पहचान लोहरदगा जिले के बड़गांव गांव निवासी नेहा ठाकुर (25) और अरुण कुमार राणा (21) के रूप में की गई।
खूंटी के एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा ने दावा किया कि नेहा के पति कुंदन प्रमाणिक ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि उसने अपने दोस्तों जीतेंद्र सिंह (30) और रितेश चिक बडाईक (18) के साथ मिलकर अपने पांच साल के बेटे को अपने माता-पिता के घर ले जाने पर हुए विवाद के बाद नेहा और अरुण का अपहरण कर लिया।
उन्होंने बताया कि तीनों ने कथित तौर पर पीड़ितों को एक चार पहिया वाहन में जबरदस्ती बिठाया, उन पर लोहे की रॉड से हमला किया और उनके शवों को पुल से नीचे फेंकने से पहले उनके चेहरे को पत्थरों से कुचल दिया।
ये शव 10 जुलाई को खूंटी थाना क्षेत्र में तजना नदी पर एक पुल के नीचे पाए गए थे।
पुलिस ने कहा कि कुंदन और उसके दो दोस्तों के अलावा उन्होंने उसके बड़े भाई मदन प्रमाणिक (48), बहन सीता देवी (38) और बहनोई विजय रंजन शर्मा को भी गिरफ्तार किया है।
जामुदा ने कहा कि कुंदन के भाई, बहन और जीजा को सबूत नष्ट करने में मदद करने और अपराध के बारे में जानने के बावजूद पुलिस को सूचित नहीं करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने कथित तौर पर अपराध में इस्तेमाल किया गया चार पहिया वाहन, लोहे की रॉड, अरुण की मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और अन्य सामग्री बरामद कर ली है।
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