मऊ- जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन समेत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और खराब प्रदर्शन पर जवाबदेही तय होगी। बैठक में आगामी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारियों, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, परिवार नियोजन, टीबी उन्मूलन और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की विस्तार से समीक्षा की गई। कोपागंज, रतनपुरा और जिला महिला चिकित्सालय में संस्थागत प्रसव की संख्या घटने तथा जिला महिला चिकित्सालय में प्रसव प्रोत्साहन योजना के तहत मात्र 59 प्रतिशत भुगतान पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। मोहम्मदाबाद गोहना में बीसीजी टीकाकरण का प्रतिशत अपेक्षा से कम मिलने पर जांच के आदेश दिए गए। वहीं एफआरयू में कम सिजेरियन प्रसव, आरबीएसके के तहत जन्मजात दोष वाले बच्चों की कम पहचान और एनआरसी में कुपोषित बच्चों की कम भर्ती पर भी अधिकारियों को फटकार लगाई गई। जिलाधिकारी ने कहा कि लक्ष्य से पीछे रहने वाले विकासखंडों के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई तय है। बैठक में 108 एंबुलेंस सेवा, पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी पालन तथा टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज राय, जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद, समस्त स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षक, सीडीपीओ एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की, लापरवाही पर जताई नाराजगी, कोपागंज, रतनपुरा और जिला महिला चिकित्सालय की स्थिति सुधारने के दिए निर्देश




