मऊ- बुधवार। गांव-देहात में कहावत है—“बात से बात बनती है और समझदारी से बिगड़ा काम भी संवर जाता है।” इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए 12 सितम्बर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए दीवानी न्यायालय, मऊ से प्रचार वाहन रवाना किया गया। जनपद न्यायाधीश संजय कुमार यादव, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय निरंजन चंद पांडेय और अपर जनपद न्यायाधीश/नोडल अधिकारी वाकर शमीम रिजवी ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया। इस दौरान न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, कर्मचारी और पैरा लीगल वालंटियर्स मौजूद रहे। प्रचार वाहन अब शहर की सड़कों के साथ गांव-कस्बों की गलियों में भी लोक अदालत का संदेश पहुंचाएगा। गाजीपुर तिराहा, आजमगढ़ मोड़, मिर्जाहादीपुरा, मुहम्मदाबाद गोहना, चिरैयाकोट, रानीपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए लोगों को बताया जाएगा कि “लड़ाई बढ़ाने से बेहतर है, बैठकर रास्ता निकालना।” जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि लोक अदालत में आपसी सुलह-समझौते से मामलों का सरल और त्वरित निस्तारण कराया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि लंबित या प्री-लिटिगेशन मामलों के समाधान के लिए संबंधित न्यायालय अथवा विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करें।उन्होंने कहा कि “न्याय की राह अब गांव की चौखट तक पहुंच रही है, जरूरत है तो बस एक कदम आगे बढ़ाने की।”
मुकदमा नहीं, समझौते की राह—लोक अदालत का संदेश लेकर प्रचार वाहन रवाना, लड़ाई बढ़ाने के बजाय बैठकर सुलझाएं विवाद



