नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में आज फिर उतार-चढ़ाव का दौर देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में अंतरराष्ट्रीय बाजारों के दबाव और विदेशी निवेशकों की सतर्कता के कारण प्रमुख सूचकांक लाल निशान में रहे। हालांकि दिन के मध्य में बैंकिंग और आईटी सेक्टर में खरीदारी से बाजार ने कुछ रफ्तार पकड़ी, लेकिन निवेशक अभी भी वैश्विक अनिश्चितताओं को लेकर सतर्क हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव, अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में मंदी के संकेत और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। इसके अलावा, घरेलू उद्योग जगत की तिमाही रिपोर्ट और आगामी केंद्रीय बैंक की नीतिगत बैठक को लेकर भी बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव डाला है। वहीं, म्युचुअल फंड और घरेलू निवेशकों की सीमित खरीदारी ने सूचकांकों को पूरी तरह गिरने से रोका। विशेष रूप से बैंकिंग और आईटी शेयरों ने निवेशकों को कुछ राहत दी, जबकि मेटल और ऑटो सेक्टर में कमजोरी देखी गई।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आगामी महीनों में महंगाई के आंकड़े, वैश्विक तेल मूल्य और केंद्रीय बैंक की नीतियां निवेशकों के फैसलों को प्रभावित करेंगी। वे सलाह देते हैं कि निवेशक अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बजाय दीर्घकालिक दृष्टिकोण से अपने पोर्टफोलियो को मैनेज करें।
इस समय बाजार में सतर्कता जरूरी है, क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था की अनिश्चितताएं और घरेलू नीतिगत फैसले मिलकर निवेशकों के मूड को प्रभावित कर रहे हैं।
Discover more from Star News 24 Live
Subscribe to get the latest posts sent to your email.