मास्टर प्लान कार्यालय में जेई की नियमित तैनाती की मांग, बोले इंजीनियर और आर्किटेक्ट्स – व्यवस्था की खामियों का खामियाजा भुगत रहे आवेदक
मऊ- जिले में भवनों के नक्शे पास कराने की धीमी प्रक्रिया अब इंजीनियरों और आर्किटेक्ट्स के लिए भी चिंता का विषय बनती जा रही है। लंबे समय से चली आ रही इस समस्या को लेकर चेरिटेबल एसोसिएशन ऑफ सिविल इंजीनियर्स एंड आर्किटेक्ट्स, मऊ ने आवाज बुलंद की है। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मास्टर प्लान कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुधार और नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया को गति देने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि मास्टर प्लान कार्यालय में जूनियर इंजीनियर (जेई) की नियमित तैनाती नहीं होने से नक्शा पास कराने का काम प्रभावित हो रहा है। एसोसिएशन का आरोप है कि मैकेनिकल ट्रेड से पीडब्ल्यूडी में नियुक्त जेई को मास्टर प्लान का अतिरिक्त कार्यभार सौंपे जाने के कारण तकनीकी कार्यों के निष्पादन में अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही है इंजीनियरों और आर्किटेक्ट्स का कहना है कि नक्शा स्वीकृति में अनावश्यक देरी से न केवल पेशेवरों को परेशानी हो रही है, बल्कि आम नागरिकों को भी अपने भवन निर्माण की योजनाओं को आगे बढ़ाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि मास्टर प्लान कार्यालय में योग्य एवं नियमित जूनियर इंजीनियर की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि नक्शों की जांच और स्वीकृति का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके। अब देखना यह है कि इंजीनियरों और आर्किटेक्ट्स की इस पहल पर जिला प्रशासन कितना गंभीर रुख अपनाता है और नक्शा पास कराने की व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।




