विधिक साक्षरता क्लबों को मिलेगा नया आयाम
मऊ- मंगलवार। संविधान केवल कानून की किताब नहीं, बल्कि अधिकारों, कर्तव्यों और समानता की वह सीख है, जो बच्चों को जागरूक नागरिक बनाने की राह दिखाती है। इसी सोच को विद्यालयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ की ओर से विधिक साक्षरता क्लबों को सक्रिय और प्रभावी बनाने की पहल की गई है। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (UPSLSA) के तत्वावधान में तथा जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय कुमार यादव के निर्देशन में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), में विधिक साक्षरता क्लबों के नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को संविधान की मूल भावना, उसके निर्माताओं के विचारों तथा बाल अधिकारों और संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों से परिचित कराना है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यालयों में ‘संविधान कॉर्नर’ को ज्ञान, संवाद और जागरूकता का केंद्र बनाने पर जोर दिया गया। शिक्षकों को निबंध लेखन, भाषण, वाद-विवाद, पोस्टर निर्माण, संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन और प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियों के आयोजन की जानकारी दी गई। इन प्रयासों से विद्यार्थियों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति समझ विकसित करने की अपेक्षा है। इसी कड़ी में आगामी 26 नवंबर को संविधान दिवस पर जनपद के सभी विद्यालयों में संविधान आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सचिव सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने नोडल शिक्षकों से अपील की कि वे विधिक साक्षरता क्लबों को महज औपचारिक गतिविधि तक सीमित न रखें, बल्कि इनके माध्यम से बच्चों को अधिकारों, कर्तव्यों और बाल संरक्षण कानूनों के प्रति जागरूक बनाएं।




