लखनऊ, 13 जून 2026। उत्तर प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा यूपी 112 ने एक बार फिर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया, सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक व्यक्ति की जान बचाकर पुलिस सेवा के प्रति जनता के विश्वास को और मजबूत किया है। जनपद अमेठी में पीआरवी 5344 पर तैनात पुलिसकर्मियों की सूझबूझ और साहसिक कार्रवाई के चलते एक व्यक्ति को समय रहते फांसी के फंदे से उतारकर सुरक्षित बचा लिया गया। इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस महानिदेशक, यूपी 112 द्वारा संबंधित पुलिसकर्मियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 12 जून 2026 को दोपहर 1 बजकर 36 मिनट पर यूपी 112 कंट्रोल रूम को जनपद अमेठी के थाना जगदीशपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सरेसर में घरेलू विवाद होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पीआरवी 5344 की टीम बिना समय गंवाए घटनास्थल के लिए रवाना हुई और कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गई।
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने पाया कि एक व्यक्ति ने अपने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया है और काफी प्रयासों के बावजूद दरवाजा नहीं खोल रहा है। परिजनों और ग्रामीणों की चिंता तथा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पीआरवी कर्मियों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। परिस्थितियों का त्वरित आकलन करते हुए पुलिसकर्मियों ने साहसिक निर्णय लिया और पड़ोसी के मकान की छत के रास्ते घर के अंदर प्रवेश किया।

घर के भीतर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। संबंधित व्यक्ति गमछे का फंदा बनाकर फांसी पर लटक चुका था। स्थिति अत्यंत गंभीर थी और प्रत्येक सेकंड महत्वपूर्ण था। पीआरवी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बिना देरी किए फंदे को काटा और व्यक्ति को सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिसकर्मियों की त्वरित प्रतिक्रिया और तत्परता के कारण व्यक्ति की सांसें चल रही थीं, जिससे उसकी जान बच गई। बाद में उसे आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई।

इस साहसिक एवं मानवीय कार्य की सराहना करते हुए पुलिस महानिदेशक, यूपी 112 श्री विनोद कुमार सिंह ने पीआरवी 5344 के कर्मियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि यूपी 112 की पीआरवी टीमें लगातार उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं और संकट की घड़ी में नागरिकों की सहायता कर उत्तर प्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि पीआरवी कर्मियों द्वारा दिखाई गई त्वरित कार्रवाई और कर्तव्यनिष्ठा पूरे विभाग के लिए गर्व का विषय है तथा यह अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
इस उल्लेखनीय कार्य में पीआरवी 5344 के कमाण्डर हरिओम उपाध्याय, सब कमाण्डर प्रमिला तिवारी एवं कौशिक सिंह तथा पायलट पवन कुमार सरोज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन सभी कर्मियों ने अपनी सूझबूझ, साहस और कर्तव्यपरायणता का परिचय देते हुए एक व्यक्ति को नया जीवन प्रदान किया।

उल्लेखनीय है कि यूपी 112 की पीआरवी टीमें प्रदेशभर में चौबीसों घंटे सक्रिय रहकर विभिन्न प्रकार की आपात स्थितियों में नागरिकों को सहायता उपलब्ध करा रही हैं। सड़क दुर्घटनाओं, चिकित्सा आपात स्थितियों, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा तथा आत्महत्या जैसे संवेदनशील मामलों में भी यूपी 112 लगातार प्रभावी हस्तक्षेप कर लोगों की जान बचाने और उन्हें राहत पहुंचाने का कार्य कर रही है। अमेठी की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि समय पर की गई पुलिस कार्रवाई किसी व्यक्ति के जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन सकती है।

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