जयपुर, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शनिवार को देश भर में कैंसर उपचार संस्थानों के बीच घनिष्ठ समन्वय का आह्वान करते हुए कहा कि ज्ञान और प्रौद्योगिकी के बेहतर आदान-प्रदान से उपचार के परिणामों में सुधार हो सकता है और गुणवत्तापूर्ण देखभाल तक पहुंच का विस्तार हो सकता है।

यहां भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर द्वारा आयोजित 23वें कैंसर सर्वाइवर्स डे को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कैंसर के इलाज में प्रगति सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के अस्पतालों तक पहुंचनी चाहिए ताकि अधिक रोगियों को लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा, “संस्थाओं के बीच बेहतर समझ और सहयोग से बीमारी से निपटने के प्रयास मजबूत होंगे।”
कैंसर के बढ़ते बोझ का जिक्र करते हुए उन्होंने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के आंकड़ों का हवाला दिया, जिसमें देश में सालाना 15 लाख से अधिक मामलों का अनुमान लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की पहल रोकथाम, शीघ्र पता लगाने और सुलभ उपचार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि 68 लाख से अधिक कैंसर उपचारों का मूल्य ₹आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 13,000 करोड़ का कार्य किया गया है।
उन्होंने कहा कि देश भर के जिला अस्पतालों में डे केयर कैंसर केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं और 450 से अधिक पहले से ही चालू हैं।
रोकथाम के बारे में बोलते हुए, उन्होंने लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के उद्देश्य से राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान का उल्लेख किया और इस पहल को आगे बढ़ाने में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और राजस्थान सरकार के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने धूम्रपान, तंबाकू के उपयोग, नशीली दवाओं के उपयोग और अस्वास्थ्यकर खाने की आदतों से जुड़े जोखिमों पर निरंतर सार्वजनिक जागरूकता की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि जीवनशैली विकल्प कैंसर की घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कैंसर से बचे लोगों को “योद्धा” बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा इस बीमारी से जूझ रहे अन्य लोगों के लिए आशा प्रदान करती है। उन्होंने उपचार और सहायता प्रदान करने में डॉक्टरों और देखभाल करने वालों की भूमिका को भी स्वीकार किया।
उन्होंने लोगों से शीघ्र जांच को बढ़ावा देने के लिए एक साथ आने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि मरीजों को समय पर देखभाल और सामुदायिक सहायता मिले।
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कैंसर से बचे लोगों को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिमसर और अस्पताल के चेयरमैन नवरतन कोठारी भी मौजूद थे.
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