पीलीभीत जिले में तेंदुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जल्द ही वहां एक अत्याधुनिक तेंदुआ सफारी विकसित की जाएगी।

वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री अरुण के.
समीक्षा बैठक में पीलीभीत टाइगर रिजर्व, दुधवा नेशनल पार्क, इटावा लायन सफारी, कानपुर जूलॉजिकल पार्क और नवाब वाजिद अली शाह जूलॉजिकल गार्डन (लखनऊ) की प्रगति और संचालन पर चर्चा की गई। बैठक में वन्यजीव संरक्षण, पर्यटक सुविधाओं को मजबूत करने और इको-पर्यटन को बढ़ावा देने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में लखनऊ में सांप का जहर निकालने का केंद्र स्थापित करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। एक प्रेस बयान में कहा गया कि सर्पदंश के इलाज, जहर अनुसंधान और जन कल्याण से संबंधित गतिविधियों में तेजी लाने के लिए परियोजना को जल्द से जल्द आकार देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रमुख सचिव, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन, वी हेकाली झिमोमी और पीसीसीएफ (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी सहित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
सार्वजनिक सुविधाओं की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए सभी प्राणी उद्यानों एवं पर्यटक स्थलों पर सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई, रख-रखाव एवं स्वच्छता की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिये गये। मंत्री ने कहा, “स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण पर्यटक अनुभव को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
बैठक के दौरान राज्य में वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चल रही योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति के संबंध में भी विस्तृत समीक्षा की गई।
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