मऊ- गुरुवार को राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्म जीव ब्यूरो, कुशमौर में सजी काव्य गोष्ठी में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कवियों ने खूब रंग जमाया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर गोष्ठी का शुभारंभ किया गया। दूर-दराज से पहुंचे कवियों का संस्था की ओर से अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। मंच संभालते ही काशी निवासी नागेश शांडिल्य ने अपनी हास्य कविताओं से ऐसा माहौल बनाया कि लोग हंसते-हंसते लोटपोट हो गए। प्रतापगढ़ की कवयित्री प्रीति पांडेय की शायरी और भावपूर्ण रचनाओं ने श्रोताओं का मन छू लिया। वहीं रेणुकूट के मनमोहन मिश्रा ने अपनी सधी हुई हिंदी और शानदार शब्दों से साहित्य की गंभीरता का एहसास कराया। वही अपने जनपद के पंकज प्रखर ने वीर रस की ओजपूर्ण कविताएं सुनाकर श्रोताओं में जोश भर दिया। उनकी रचनाओं पर सभागार देर तक तालियों से गूंजता रहा। हास्य से भरपूर संचालन ने भी कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए और कवियों की प्रस्तुतियों के बीच खूब तालमेल बनाए रखा। समापन पर संस्थान के निदेशक ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे साहित्यिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक माहौल बनाने के साथ हिंदी और साहित्य से लोगों का जुड़ाव बढ़ाते हैं। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रशासनिक अधिकारी रजनीश मीणा की भी प्रशंसा की। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रखने की बात कही। इस दौरान बीज अनुसंधान के वरिष्ठि प्रशासनिक अधिकारी चंद्रमौली शर्मा, वैज्ञानिक डॉ विनेश विनोथ एवं संस्थान के वैज्ञानिक व कर्मचारी मौजूद रहे ।





