लखनऊ, 10 सितंबर 2026। रक्षा लेखा महानियंत्रक के मार्गदर्शन में रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (मध्य कमान), लखनऊ कार्यालय की ओर से गुरुवार को ‘स्वच्छ भारत, मेरी जिम्मेदारी’ विषय पर जागरूकता एवं सहभागिता आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र, लखनऊ के ‘रामायण’ सभागार में किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता को केवल सरकारी अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
रक्षा लेखा एवं छावनी परिषद के अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यशाला में श्री एस.के. चौधरी, भा.र.ले.से., पी.सी.डी.ए. (मध्य कमान), श्री मयंक बिष्ट, आई.एफ.ए. (मध्य कमान) तथा श्री पुष्कराज भारती, र.ले.अ.नि. सहित भारतीय रक्षा लेखा सेवा के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा श्री अभिषेक राठौड़, सी.ई.ओ., छावनी परिषद तथा नगर निगम लखनऊ के अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी ने कार्यशाला के उद्देश्य को व्यापक सहभागिता प्रदान की।
कचरे के उचित निस्तारण और सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर
कार्यशाला के दौरान स्वच्छता के महत्व, कचरे के उचित निस्तारण और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में व्यक्तिगत एवं सामूहिक जिम्मेदारी की भूमिका पर विस्तार से जोर दिया गया।
कार्यशाला में यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता तभी प्रभावी और स्थायी बन सकती है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाए। कचरे को निर्धारित स्थान पर डालना, आसपास साफ-सफाई रखना और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
‘कचरा डिब्बे में–बीमारी बाहर’ लघु नाटक ने दिया संदेश
कार्यशाला को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (मध्य कमान), लखनऊ कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा ‘कचरा डिब्बे में–बीमारी बाहर’ शीर्षक से एक लघु नाटक का मंचन किया गया।
लघु नाटक के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागरूकता, कचरे को निर्धारित स्थान पर डालने और स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। रचनात्मक प्रस्तुति के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि स्वच्छता के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
उप नियंत्रक ने किया कार्यशाला का शुभारंभ
कार्यशाला का शुभारंभ श्रीमती के. हर्षिति, उप नियंत्रक द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जागरूकता और सहभागिता को बढ़ावा दिया गया।
समापन अवसर पर रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक श्री संजय कुमार चौधरी, भा.र.ले.से. ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने स्वच्छता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत का लक्ष्य तभी पूर्ण हो सकता है, जब प्रत्येक नागरिक और प्रत्येक कर्मचारी स्वच्छता को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझे।
उन्होंने कार्यस्थल के साथ-साथ आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में सक्रिय योगदान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
धन्यवाद ज्ञापन और संचालन
कार्यशाला के समापन पर श्री अजय कुमार अग्रवाल, सहायक नियंत्रक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन श्री सत्येन्द्र सिंह, सहायक लेखा अधिकारी द्वारा किया गया।
कार्यशाला के माध्यम से स्वच्छता के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी, सामूहिक सहभागिता और स्वस्थ वातावरण के निर्माण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों की सहभागिता ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




