मऊ- जिले में उद्योग लगाने की सोच रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब बैंक और सरकारी दफ्तरों में उद्योग से जुड़े काम को बेवजह लटकाना भारी पड़ सकता है। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई उद्योग बंधु की बैठक में उपायुक्त उद्योग हरेन्द्र प्रताप ने गत माह की बैठक में लिए गए निर्णयों पर की गई कार्रवाई से समिति को अवगत कराया। इस दौरान सीडीओ विवेक कुमार श्रीवास्तव ने अफसरों और बैंकर्स को साफ-साफ हिदायत दी कि उद्यमियों के काम समय से निपटाए जाएं। आवेदन लटकाने वाले बैंक मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उद्यमियों ने अपनी समस्याएं भी खुलकर रखीं। वलिदपुर बाजार में बैंक शाखा नहीं होने से लोगों को करीब दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। नदवासराय बाजार में जल निकासी और मोहम्मदाबाद गोहना से नदवासराय तक जर्जर सड़क का मुद्दा भी उठाया गया। ताजोपुर औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की समस्या दूर करने के लिए सब स्टेशन की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। सहादतपुरा औद्योगिक आस्थान में बरसात के बाद सड़क किनारे इंटरलॉकिंग लगाने को कहा गया। अधिकारियों के मुताबिक जिले में 160 निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए हैं। इनमें ₹7,523 करोड़ से अधिक का निवेश और करीब 24 हजार रोजगार मिलने की उम्मीद है। 64 प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं और 60 इकाइयों में उत्पादन भी शुरू हो गया है। बैठक में अफसरों से साफ कहा गया कि उद्योग बढ़ेंगे तभी जिले में रोजगार और तरक्की की राह खुलेगी, इसलिए फाइलों को धूल खाने के लिए न छोड़ा जाए। बैठक में लीड बैंक मैनेजर, सहायक श्रमायुक्त, समस्त बैंकर्स, उद्यमी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





