Asian Para Games 2026: भारत के चार पैरा पावरलिफ्टर्स को SAI गांधीनगर ने दी विदाई, पदक जीतने की उम्मीदें
गांधीनगर, 14 अक्टूबर 2026। आगामी 5वें एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे पैरा पावरलिफ्टिंग खिलाड़ियों के सम्मान में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI), क्षेत्रीय केंद्र गांधीनगर की ओर से विदाई समारोह (Send-off Ceremony) आयोजित किया गया। जापान के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर तक होने वाले इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन के लिए भारतीय खिलाड़ियों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। समारोह में खिलाड़ियों के समर्पण, कड़ी मेहनत और खेल उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें देश के लिए शानदार प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दी गईं।
SAI नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCoE), गांधीनगर के चार प्रतिभाशाली पैरा पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी जसप्रीत कौर, सीमा रानी, मनीष कुमार और झंडू कुमार आगामी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इन खिलाड़ियों को अनुभवी कोच राजिंदर सिंह राहेलू का मार्गदर्शन मिल रहा है। चारों खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन से पहचान बना चुके हैं और अब एशियाई स्तर पर देश का नाम रोशन करने के लक्ष्य के साथ प्रतियोगिता में उतरेंगे।
चार खिलाड़ियों पर रहेंगी देश की निगाहें
एशियन पैरा गेम्स जैसे बड़े मंच पर भारतीय खिलाड़ियों के सामने एशिया के शीर्ष पैरा पावरलिफ्टर्स से प्रतिस्पर्धा करने की चुनौती होगी। ऐसे में खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, तकनीक, मानसिक मजबूती और निर्णायक क्षणों में प्रदर्शन करने की योग्यता अहम भूमिका निभाएगी। गांधीनगर स्थित SAI NCoE में उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं और विशेषज्ञ कोचिंग के माध्यम से खिलाड़ियों ने अपनी तैयारियों को मजबूत किया है।
विदाई समारोह के दौरान खिलाड़ियों की अब तक की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए उनके परिश्रम और अनुशासन की सराहना की गई। यह आयोजन उनके लिए उत्साहवर्धन का अवसर रहा, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर आत्मविश्वास के साथ उतर सकें।
झंडू कुमार: कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड कप में पदक जीतकर बनाई पहचान
भारतीय पैरा पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी झंडू कुमार का सफर दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत की मिसाल है। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, उन्होंने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कई पदक हासिल किए और वर्ष 2025 में बीजिंग वर्ल्ड कप में भी कांस्य पदक अपने नाम किया।
उनकी ये उपलब्धियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता और खेल के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती हैं। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भी उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
मनीष कुमार: राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदकों के साथ मजबूत दावेदारी
मनीष कुमार ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप और खेलो इंडिया पैरा गेम्स में कई स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है। उन्हें एशियन पैरा गेम्स और विश्व पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अनुभव भी प्राप्त है।
उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में मिला अनुभव उन्हें आगामी चुनौती के लिए तैयार करने में उपयोगी साबित हो सकता है। मनीष कुमार अभ्यास के दौरान अपनी तकनीक, शक्ति और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रहे हैं।
सीमा रानी: निरंतर प्रदर्शन और मेहनत से हासिल की सफलता
सीमा रानी ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप और खेलो इंडिया पैरा गेम्स में कई स्वर्ण पदक जीतकर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विश्व पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप और एशियन पैरा गेम्स में उनकी भागीदारी उनके निरंतर प्रयासों और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का अनुभव खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा के स्तर, दबाव और रणनीतिक जरूरतों को समझने में मदद करता है। सीमा रानी अब एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की ओर से अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।
जसप्रीत कौर: राष्ट्रीय स्वर्ण पदकों के बाद अंतरराष्ट्रीय चुनौती
जसप्रीत कौर ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप और खेलो इंडिया पैरा गेम्स में अनेक स्वर्ण पदक जीतकर अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया है। उन्होंने वर्ष 2025 में ब्राजील पैरा पावरलिफ्टिंग ओपन चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई।
उनकी उपलब्धियां दर्शाती हैं कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर खिलाड़ी बड़े मंचों तक पहुंच सकते हैं। एशियन पैरा गेम्स 2026 में जसप्रीत कौर के प्रदर्शन पर भी खेल प्रेमियों की निगाहें रहेंगी।
कोच राजिंदर सिंह राहेलू के मार्गदर्शन में जारी है तैयारी
चारों खिलाड़ियों की तैयारी में कोच राजिंदर सिंह राहेलू की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके मार्गदर्शन में खिलाड़ी तकनीक, शक्ति, संतुलन और प्रतियोगिता के अनुरूप प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। पैरा पावरलिफ्टिंग में सफल प्रदर्शन के लिए शारीरिक तैयारी के साथ सही तकनीक, एकाग्रता और मानसिक दृढ़ता भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।
SAI NCoE गांधीनगर में उपलब्ध विशेषज्ञ प्रशिक्षण और खेल अवसंरचना खिलाड़ियों को अपनी क्षमताओं को निखारने का अवसर प्रदान करती है। व्यवस्थित प्रशिक्षण व्यवस्था का उद्देश्य खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना और उन्हें अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तक पहुंचने में सहायता देना है।
समावेशी खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में SAI का प्रयास
SAI क्षेत्रीय केंद्र गांधीनगर द्वारा आयोजित यह विदाई समारोह पैरा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और समावेशी खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। पैरा खेलों में खिलाड़ियों की उपलब्धियां इस बात का उदाहरण हैं कि उचित प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर मिलने पर खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
एशियन पैरा गेम्स 2026 भारतीय खिलाड़ियों के लिए अपनी क्षमता साबित करने और देश का प्रतिनिधित्व करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। झंडू कुमार, मनीष कुमार, सीमा रानी और जसप्रीत कौर अपने अनुभव और तैयारियों के साथ प्रतियोगिता में उतरेंगे।
SAI क्षेत्रीय केंद्र गांधीनगर ने भारतीय पैरा पावरलिफ्टिंग दल को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि खिलाड़ी प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और देश का गौरव बढ़ाएंगे। अब खेल प्रेमियों को इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन का इंतजार है, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करेंगे।




