लखनऊ। सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (सीएमएस), राजाजीपुरम कैंपस-2 के खिलाड़ियों ने सेठ एमआर जयपुरिया (जेएसबीसी) कराटे चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। प्रतियोगिता में सीएमएस राजाजीपुरम कैंपस-2 की टीम ने नौ स्वर्ण, सात रजत और दो कांस्य पदक सहित कुल 18 पदक जीतकर अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया।
सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल, बंसल कैंपस, सीतापुर रोड में आयोजित इस चैंपियनशिप में 15 स्कूलों के लगभग 200 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने कराटे की विभिन्न स्पर्धाओं में अपने कौशल, अनुशासन, एकाग्रता और खेल भावना का प्रदर्शन किया। मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।
चैंपियनशिप में मेजबान सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल, बंसल कैंपस की टीम ने सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य सहित कुल 22 पदक जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं, दिल्ली पब्लिक स्कूल, इंदिरा नगर की टीम तीन स्वर्ण, पांच रजत और छह कांस्य सहित कुल 14 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रही।
समापन समारोह में वरिष्ठ समाजसेवी एवं शिमला परिवार के राजेंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश बैटल स्पोर्ट्स डांस एसोसिएशन के सीईओ केबी पंत विशिष्ट अतिथि रहे। अतिथियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पदक और पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के क्षेत्रीय केंद्र भागलपुर, बिहार के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कीर्ति विक्रम सिंह ने की। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल बच्चों और युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास तथा एकाग्रता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कराटे जैसे मार्शल आर्ट न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता और आत्मविश्वास भी मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. सुजान इट्टी और उप प्रधानाचार्या शुचि अग्रवाल ने भी विजेता खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।
समारोह में कराटे एसोसिएशन ऑफ लखनऊ के सचिव कृष्णा अवतार तथा वर्ल्ड मॉडर्न शोतोकान कराटे फेडरेशन, उत्तर प्रदेश के महासचिव शिहान संतोष कुमार जायसवाल भी उपस्थित रहे।
सीएमएस राजाजीपुरम कैंपस-2 की इस उपलब्धि ने प्रतियोगिता में विद्यालय की खेल प्रतिभा को रेखांकित किया। वहीं, चैंपियनशिप में शामिल अन्य विद्यालयों के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता को सफल बनाया।




