पहली बार आयोजित हुआ स्थापना दिवस समारोह, निदेशक प्रो. आर.के. धीमन ने स्मारिका का किया विमोचन; पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों ने साझा कीं जनरल हॉस्पिटल से जुड़ी प्रेरणादायी स्मृतियां
लखनऊ, 31 अगस्त 2026। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआईएमएस) के जनरल हॉस्पिटल का 42वां स्थापना दिवस सोमवार को पहली बार मनाया गया। इस अवसर पर जनरल हॉस्पिटल की अब तक की विकास यात्रा, संस्थान की रोगी सेवाओं में इसके योगदान और यहां से जुड़ी चिकित्सकीय उपलब्धियों को याद किया गया। कार्यक्रम में जनरल हॉस्पिटल की स्थापना से लेकर वर्तमान समय तक विभिन्न क्षमताओं में सेवाएं देने वाले पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।
एसजीपीजीआई लखनऊ के जनरल हॉस्पिटल की नोडल अधिकारी डॉ. अंजू रानी ने कहा कि संस्थान की विकास यात्रा में जनरल हॉस्पिटल का विशेष स्थान रहा है। यह एसजीपीजीआईएमएस में प्रारंभिक क्लीनिकल सेवाओं का प्रमुख आधार रहा और संस्थान की चिकित्सा सेवाओं के विस्तार में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

संस्थान की शुरुआती क्लीनिकल सेवाओं का रहा प्रमुख आधार
डॉ. अंजू रानी के अनुसार, जनरल हॉस्पिटल में ही संस्थान की शुरुआती सर्जिकल तथा स्त्री एवं प्रसूति संबंधी शल्य प्रक्रियाएं की गई थीं। इन आधारभूत चिकित्सा सेवाओं के इर्द-गिर्द समय के साथ संस्थान में विभिन्न क्लीनिकल सेवाओं का विस्तार हुआ।
जनरल हॉस्पिटल ने एसजीपीजीआईएमएस की चिकित्सा व्यवस्था को विकसित करने में शुरुआती दौर में महत्वपूर्ण आधार उपलब्ध कराया। बाद के वर्षों में यहां उपलब्ध सेवाओं के साथ न्यूरोसर्जरी, जनरल सर्जरी, जनरल मेडिसिन और पीडियाट्रिक्स जैसी सेवाओं का विस्तार हुआ।
प्रो. आर.के. धीमन का शुरुआती दौर में एंडोस्कोपी क्षेत्र में योगदान
एसजीपीजीआईएमएस के निदेशक पद्मश्री प्रो. आर.के. धीमन, जो संस्थान के प्रथम पूर्व छात्र (Alumnus) हैं, ने अपने प्रारंभिक कार्यकाल में एंडोस्कोपी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जनरल हॉस्पिटल में उन्होंने गैस्ट्रोएंटरोलॉजी से संबंधित कई एंडोस्कोपिक प्रक्रियाएं कीं, जिनमें सिग्मॉइडोस्कोपी भी शामिल थी।
इन आधारभूत सेवाओं के विकसित होने के साथ संस्थान में चिकित्सा विशेषज्ञताओं का दायरा भी बढ़ता गया। समय के साथ सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं को संस्थान के मुख्य भवन में स्थानांतरित किया गया, जबकि जनरल हॉस्पिटल में क्लीनिकल ब्रॉड-स्पेशियलिटी सेवाएं निरंतर मजबूत होती रहीं।
समय के साथ मजबूत हुईं जनरल हॉस्पिटल की सेवाएं
एसजीपीजीआईएमएस की विकास यात्रा में जनरल हॉस्पिटल लगातार एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा। वर्षों से यहां मरीजों को विभिन्न क्लीनिकल सेवाएं उपलब्ध कराई जाती रही हैं और संस्थान की रोगी सेवा व्यवस्था में इसका योगदान निरंतर बना हुआ है।
वर्तमान में जनरल हॉस्पिटल में उत्कृष्ट आधारभूत संरचना उपलब्ध है। यहां डॉ. अंजू रानी और डॉ. निधि स्त्री एवं प्रसूति रोग सेवाएं प्रदान कर रही हैं, जबकि डॉ. ब्रजेश सिंह सर्जरी, डॉ. अजीत कुमार त्वचा रोग और डॉ. अनुज सिंह बाल रोग सेवाओं से जुड़े हैं। इसके साथ फिजिशियन, सीनियर रेजिडेंट्स और जूनियर रेजिडेंट्स की समर्पित टीम भी मरीजों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
पूर्व और वर्तमान सदस्यों को किया गया सम्मानित

42वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान जनरल हॉस्पिटल की स्थापना से लेकर अब तक अलग-अलग क्षमताओं में अपनी सेवाएं देने वाले लोगों को विशेष रूप से याद किया गया। पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों को कार्यक्रम में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।
इस दौरान जनरल हॉस्पिटल से जुड़े पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों ने यहां बिताए अपने अनुभवों और यादों को साझा किया। उनके संस्मरणों में जनरल हॉस्पिटल के विकास, यहां की कार्य संस्कृति और मरीजों की सेवा से जुड़े अनुभव प्रमुख रहे।
निदेशक प्रो. आर.के. धीमन ने किया स्मारिका का विमोचन
स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर एसजीपीजीआईएमएस के निदेशक प्रो. आर.के. धीमन ने जनरल हॉस्पिटल के 42वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रकाशित स्मारिका (Souvenir) का विमोचन किया।
स्मारिका के विमोचन को जनरल हॉस्पिटल की 42 वर्षों की यात्रा को संजोने और इससे जुड़े लोगों के योगदान को याद करने के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा गया।

एसजीपीजीआई की रोगी सेवा यात्रा का अहम हिस्सा
जनरल हॉस्पिटल ने एसजीपीजीआईएमएस की स्थापना के बाद से संस्थान की क्लीनिकल सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शुरुआती चिकित्सा सेवाओं के प्रमुख आधार से लेकर वर्तमान समय में ब्रॉड-स्पेशियलिटी सेवाओं के केंद्र के रूप में जनरल हॉस्पिटल ने संस्थान की रोगी सेवा व्यवस्था में अपनी अलग पहचान बनाए रखी है।
42वें स्थापना दिवस के अवसर पर वक्ताओं और पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों ने जनरल हॉस्पिटल की इस यात्रा को याद किया। कार्यक्रम ने संस्थान के इतिहास से जुड़े चिकित्सकों, कर्मचारियों और अन्य सदस्यों के योगदान को सम्मान देने का अवसर भी प्रदान किया।
एसजीपीजीआईएमएस के जनरल हॉस्पिटल की यह यात्रा संस्थान की रोगी सेवा के विकास से गहराई से जुड़ी रही है। संस्थान के अनुसार, जनरल हॉस्पिटल संस्थान की रोगी सेवा की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा था, है और सदैव बना रहेगा।




