अधिकारियों ने कहा कि शुक्रवार रात संभल जिले के गुन्नौर पुलिस स्टेशन के बैरक में 24 वर्षीय एक पुलिस कांस्टेबल मृत पाया गया, अधिकारियों ने कहा कि उन्हें संदेह है कि यह आत्महत्या का मामला है।

पुलिसकर्मी, जो शाहजहाँपुर का रहने वाला था और 2023 में भर्ती हुआ था, गुन्नौर पुलिस स्टेशन में कांस्टेबल क्लर्क के रूप में तैनात था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कांस्टेबल का शव साथी कांस्टेबलों को रात करीब नौ बजे मिला।
इस खुलासे के बाद पूरे थाने में दहशत फैल गई। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया, बैरक को सील कर दिया गया और घटनास्थल की जांच करने और सबूत इकट्ठा करने के लिए एक फोरेंसिक टीम को बुलाया गया।
घटना की पुष्टि करते हुए थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक ने बताया कि सिपाही की मौत फांसी लगाने से हुई है। मलिक ने कहा, “फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उनके मोबाइल फोन और अन्य सामान को कब्जे में ले लिया गया है। आत्महत्या के कारण से संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।” उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल कॉल विवरण के विश्लेषण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सर्कल अधिकारी आलोक सिद्धू ने जांच कार्यवाही का पर्यवेक्षण किया।
हालांकि, कांस्टेबल के परिवार ने आत्महत्या के दावे पर अविश्वास जताया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 24 वर्षीय युवक ने गुरुवार शाम 6 से 7 बजे के बीच उनसे बात की थी और बातचीत के दौरान वह खुश लग रहा था।
मृतक कांस्टेबल के दादा एक सब-इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, जबकि उनके पिता भी उत्तर प्रदेश पुलिस में एक कांस्टेबल के रूप में कार्यरत थे। सिपाही पांच बहनों के बीच इकलौता भाई था।
पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि घटना के समय कांस्टेबल बैरक में अकेला था। गौरतलब है कि 2024 में संभल हिंसा के दौरान उन्हें चोटें लगी थीं।
हालांकि पुलिस का कहना है कि मौत आत्महत्या का मामला प्रतीत होती है, उन्होंने कहा कि इस चरम कदम के पीछे का सटीक कारण स्पष्ट नहीं है। कांस्टेबल की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है।



