अक्षय तृतीया 2026: किसी विशेषज्ञ के मार्गदर्शन के साथ इस शुभ दिन पर पालन करने योग्य वास्तु अनुष्ठान यहां दिए गए हैं

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अक्षय तृतीया को हिंदू कैलेंडर में सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है। “अक्षय” शब्द का अर्थ कुछ ऐसा है जो कभी कम नहीं होता है, यही कारण है कि कई लोग मानते हैं कि इस दिन किए गए अच्छे कर्म, प्रार्थना या निवेश लंबे समय तक चलने वाली समृद्धि और सफलता लाते हैं।

अक्षय तृतीया 2026
अक्षय तृतीया 2026

ज्योतिषी एस्ट्रो अरुण पंडित के अनुसार, माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दौरान यह दुर्लभ संरेखण किसी के घर में धन और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने के लिए दिन को शक्तिशाली बनाता है।

यह भी पढ़ें अक्षय तृतीया 2026: ज्योतिषी इस दिन को धन, नई शुरुआत और सौभाग्य के लिए शक्तिशाली क्यों मानते हैं?

ज्योतिष में अक्षय तृतीया एक शुभ दिन क्यों है?

अक्षय तृतीया वैशाख माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आती है। ज्योतिषियों का कहना है कि इस दिन सूर्य मेष राशि (मेष राशि) में और चंद्रमा वृषभ राशि (वृषभ राशि) में होता है।

इस दुर्लभ ब्रह्मांडीय संयोजन को शक्ति और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है, यही कारण है कि कई लोग इसे नए उद्यम शुरू करने, आध्यात्मिक अनुष्ठान करने या समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगने के लिए आदर्श समय मानते हैं।

अक्षय तृतीया 2026 कब है?

द्रिक पंचांग के अनुसार, 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी, और यह त्योहार पूरे दिन मनाया जाएगा।

उत्तर भारत में भक्तों के लिए, शुभ मुहूर्त सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक माना जाता है, अनुष्ठान की अवधि लगभग 1 घंटे और 32 मिनट तक चलती है।

अक्षय तृतीया 2026 के लिए वास्तु टिप्स

वैदिक ज्योतिषी अरुण पंडित के अनुसार, एक सरल अनुष्ठान जिसे लोग समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करने के लिए इस दिन घर पर कर सकते हैं।

चरण 1: एक लाल कपड़ा लें।

चरण 2: कपड़े के अंदर हल्दी, इलायची, कुमकुम, एक चांदी का सिक्का और अक्षत (कच्चे चावल) रखें।

चरण 3: कपड़े को एक छोटी पोटली या पोटली में बांध लें।

चरण 4: इस बंडल को अपनी अलमारी या लॉकर (तिजोरी) के अंदर रखें।

अनुष्ठान के दौरान जपने योग्य मंत्र

बंडल तैयार करते समय, भक्तों को विश्वास के साथ निम्नलिखित मंत्र का जाप करने की सलाह दी जाती है:

“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः।”

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, अनुष्ठान करते समय इस मंत्र का जाप करने से धन और समृद्धि से जुड़ी देवी, देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

अस्वीकरण: यह लेख सोशल मीडिया सामग्री पर आधारित है। इसलिए, इन अनुष्ठानों का अभ्यास करने से पहले पेशेवर मार्गदर्शन लें।


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