नवाबगंज (बरेली)। ग्राम जादोपुर में पिछले छह महीनों से बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय को पुनः शुरू कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता गंगवार के नेतृत्व में ग्रामीणों व स्कूली बच्चों ने नवाबगंज प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर स्कूल तत्काल खुलवाने की मांग की।
एडवोकेट सुनीता गंगवार ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव और गंदी राजनीति के चलते विद्यालय को बिना किसी ठोस कारण के बंद कर दिया गया है, जबकि बच्चों को जिस वैकल्पिक स्कूल में भेजा जा रहा है, वह जादोपुर से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित है। रास्ते में नहर पड़ने के कारण छोटे बच्चों के लिए यह दूरी बेहद खतरनाक साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि इस वजह से अधिकांश माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने में असमर्थ हैं, जिससे बच्चों को शिक्षा के मौलिक अधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वैकल्पिक विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति फर्जी तरीके से दर्ज की जा रही है, जबकि बच्चे पिछले छह महीनों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इसे उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में बड़ा घोटाला बताया।
ग्रामीणों का कहना है कि जादोपुर के इस प्राथमिक विद्यालय में पहले करीब 45 बच्चे अध्ययनरत थे और 12 नए बच्चों का प्रवेश भी होना था, लेकिन अचानक स्कूल बंद कर दिया गया। ग्रामीणों ने कई स्तरों पर शिकायत की, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई।
संस्था के कोषाध्यक्ष वहीद अहमद अंसारी ने कहा कि बच्चों की शिक्षा में राजनीति नहीं होनी चाहिए और प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेते हुए स्कूल खोलने की दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए। संस्था अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संस्था ग्रामीणों व बच्चों के साथ धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होगी।
इस दौरान ब्रह्मानंद गंगवार, बृजेश गंगवार, खेमकरण लाल गंगवार सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
Discover more from Star News 24 Live
Subscribe to get the latest posts sent to your email.