हैदराबाद, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने सोमवार को कहा कि देश में 90 दिनों के लिए पर्याप्त 200 मिलियन टन से अधिक कोयले का स्टॉक उपलब्ध है।

यहां महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों और ट्रेंच-2 एक्सप्लोरेशन लाइसेंस की 7वीं किश्त की नीलामी पर खान मंत्रालय द्वारा आयोजित रोड शो के मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश में लगातार दूसरे साल एक अरब टन कोयला उत्पादन हासिल किया गया।
उन्होंने कहा, “आज, थर्मल पावर प्लांटों के पास या जहां खनन होता है, वहां 90 दिनों के लिए पर्याप्त कोयला मौजूद है। पहले, हमारे पास केवल 21 से 25 दिनों के लिए पर्याप्त कोयला होता था। लेकिन, आज, 90 दिनों के लिए पर्याप्त 200 मिलियन टन से अधिक कोयला हमारे पास है।”
उन्होंने कहा कि केंद्र का लक्ष्य आयात पर निर्भरता कम करना और खनिज क्षेत्र में देश को ‘आत्मनिर्भर’ बनाना है।
उन्होंने कहा, “मैं केंद्र की ओर से कहना चाहूंगा। सरकार खनिज क्षेत्र में राजस्व के लिए काम नहीं करती है। यह देश को खनिज क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़े कदम उठाती है।”
यह देखते हुए कि भविष्य में शहरी खनन और कोयला गैसीकरण में महत्वपूर्ण खनिजों के निष्कर्षण के बहुत सारे अवसर हैं, उन्होंने निजी क्षेत्र से सार्वजनिक उपक्रमों, राज्य सरकारों और अन्य के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया।
रेड्डी ने कहा कि शहरी खनन से स्क्रैप के माध्यम से देश के लिए आवश्यक 30-40 प्रतिशत महत्वपूर्ण खनिज निकालने की संभावना है।
उन्होंने कहा, सरकार हर शहर से स्क्रैप इकट्ठा करके रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर और अन्य से महत्वपूर्ण खनिज निकालने के लिए एक कार्य योजना तैयार कर रही है।
केंद्रीय खान सचिव पीयूष गोयल ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, पिछले चार वर्षों में नीलाम किए गए 364 ब्लॉकों की तुलना में रिकॉर्ड 212 खनिज ब्लॉकों की नीलामी की गई, 2015 में नीलामी व्यवस्था की शुरुआत के बाद से कुल 684 ब्लॉक हो गए।
वर्ष के दौरान महत्वपूर्ण खनिज खंड में 22 ब्लॉकों की नीलामी की गई। इस प्रकार, अब तक कुल मिलाकर 71 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी की गई है, जिनमें केंद्र द्वारा 46 और राज्य सरकारों द्वारा 25 शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉक नीलामी की 7वीं किश्त 23 मार्च को शुरू की गई थी, जिसमें 19 ब्लॉक, 17 समग्र लाइसेंस और दो खनन पट्टे शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा कि महत्वपूर्ण खनिज उभरता हुआ क्षेत्र है और हर गुजरते साल के साथ इसका महत्व बढ़ता ही जा रहा है।
उन्होंने कहा, पिछले कुछ वर्षों में, मंत्रालय ने पारदर्शिता में सुधार, दक्षता बढ़ाने और परिचालन की गति में तेजी लाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।
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